कौन हैं सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री? जिन्होंने UGC कानून और शंकराचार्य विवाद से आहत होकर दिया इस्तीफा

Bareilly City Magistrate Alankar Agnihotri Resigns: उत्तर प्रदेश के बरेली से एक चौंकाने वाला प्रशासनिक मामला सामने आया है. सिटी मजिस्ट्रेट और PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए कानून और प्रयागराज माघ मेले में संतों के साथ हुए व्यवहार से आहत होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

Who is City Magistrate Alankar Agnihotri?
कौन हैं सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री?

समर्थ श्रीवास्तव

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Alankar Agnihotri Kaun Hain: उत्तर प्रदेश के बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए कानून का विरोध और प्रयागराज माघ मेले में हुआ एक विवाद से आहत होकर ये कदम उठाया है. अग्निहोत्री ने कहा है कि वह सरकार के नए नियमों और संतों के साथ हुए व्यवहार से काफी आहत हैं. इसलिए उन्होंने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया है.

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अलंकार अग्निहोत्री ने अपना इस्तीफा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और चुनाव आयुक्त को भेजा है. उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ स्थानीय प्रशासन ने मारपीट की जो कि बेहद दुखद है. साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए यूजीसी कानून पर भी अपनी नाराजगी जताई है. इन दो वजहों को आधार बनाकर उन्होंने प्रांतीय सिविल सेवा से हटने का मन बना लिया है.

5 पन्नों का पत्र जारी कर दिया इस्तीफा

अलंकार अग्निहोत्री ने 5 पन्नों का एक लंबा पत्र लिखा है. इस इस्तीफा में के साथ ही उन्होंने बॉयकॉट बीजेपी का एक पोस्टर भी जारी किया और कर BJP के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थितियों से बेहद आहत हैं और अब इस पद पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं है.

शंकराचार्य के शिष्यों के अपमान पर जताया गहरा दुख

अपने पत्र में अलंकार अग्निहोत्री ने माघ मेले के दौरान हुई एक घटना का विशेष जिक्र किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की चोटी खींची गई और उनके साथ मारपीट की गई. अग्निहोत्री के अनुसार, शिखा या चोटी ब्राह्मणों और साधु-संतों की सांस्कृतिक पहचान होती है और उनके साथ हुआ यह व्यवहार पूरे समाज का अपमान है. उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार का यह रुख ब्राह्मणों और संतों के प्रति उनकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है.

UGC के नए नियमों को बताया सामान्य वर्ग के खिलाफ साजिश

इस्तीफे का दूसरा बड़ा कारण हाली में यूजीसी के द्वारा जारी किए गए नए नियम हैं. अलंकार अग्निहोत्री का आरोप है कि UGC के नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य को खतरे में डालते हैं. उनके अनुसार, यह व्यवस्था हिंदू समाज को विभाजित करने वाली है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए.

ब्राह्मण विधायकों पर साधा निशाना

इसके साथ ही अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मण जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जब समाज के अधिकारों का हनन हो रहा है और संतों का अपमान हो रहा है तब ये विधायक और नेता खामोश बैठे हैं. उन्होंने इन प्रतिनिधियों की तुलना कंपनी के उन कर्मचारियों से की जो केवल अपने बॉस के आदेश का इंतजार करते हैं.

इस्तीफे के आखिरी हिस्से में उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि देश में आज न तो सही मायने में लोकतंत्र बचा है और न ही गणतंत्र. उन्होंने सरकार को विदेशी जनता पार्टी जैसा करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ हिंदू मुस्लिम के मुद्दों में उलझी हुई है और असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है.

कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री ?

अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के पीसीएस (PCS) अधिकारी हैं. उन्होंने बीटेक और एलएलबी की पढ़ाई की है. इससे पहले उन्होंन 10 साल तक आईटी सेक्टर में काम किया है. इसके बाद साल 2019 में सिविल सेवा जॉइन की. इसके बाद उन्होंने उन्नाव, बलरामपुर और एटा में डिप्टी कलेक्टर के तौर पर काम किया. इसके बाद वह लखनऊ में सहायक नगर आयुक्त रहे और पिछले साल मई में उनकी तैनाती बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर हुई थी. ऐसे में अब उनका इस्तीफा देना अब चर्चा का विषय बन गया है.

इनपुट : कृष्ण राज गोपाल

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