समाजवादी पार्टी के संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव अब इस दुनिया में नहीं रहे. मात्र 38 वर्ष की आयु में उनका निधन यादव परिवार के लिए एक ऐसा वज्रपात है, जिससे उबरना आसान नहीं होगा. गुरुवार दोपहर लखनऊ के बैकुंठ धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनकी पत्नी अपर्णा यादव के पिता अरविंद सिंह बिष्ट ने उन्हें मुखाग्नि दी.
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सियासी विरासत पर वो ऐतिहासिक बयान
प्रतिक यादव के निधन के साथ ही सोशल मीडिया पर उनका 4 साल पुराना वो बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जो उन्होंने नेताजी के निधन के बाद दिया था. जब उनसे मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत को लेकर सवाल किया गया, तो प्रतीक ने बेहद सादगी और स्पष्टता से कहा था, "सियासी विरासत अखिलेश भैया ही चला रहे हैं और वही चलाएंगे. मैं राजनीति में नहीं हूं, मैं बिजनेस करता हूं." उन्होंने साफ कर दिया था कि वे कभी भी अपने बड़े भाई अखिलेश यादव के खिलाफ खड़े नहीं होंगे.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
फिटनेस फ्रीक माने जाने वाले प्रतीक यादव की मौत ने सबको हैरान कर दिया है. उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी नसों में खून के थक्के (Blood Clots) जमने की समस्या सामने आई है. इसी वजह से उनके दिल और फेफड़ों तक ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित हुई और उनका निधन हो गया. डॉक्टरों ने उनके विसरा और दिल के कुछ हिस्सों को सुरक्षित रखा है ताकि आगे की जांच की जा सके.
अखिलेश यादव ने निभाया बड़े भाई का फर्ज
अंतिम संस्कार के दौरान एक भावुक कर देने वाला दृश्य तब दिखा जब अखिलेश यादव, प्रतीक की दोनों छोटी बेटियों को संभालते नजर आए. भले ही परिवार के सदस्य अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा (सपा और भाजपा) से जुड़े हों, लेकिन इस दुख की घड़ी में अखिलेश यादव ने एक अभिभावक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं.
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