समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव की अचानक मौत के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है. 38 साल की उम्र में उनकी मौत से हर कोई हैरान है और अब सवाल उठने लगे है. इस मामले में अब सपा के सचिव कमलापति ने जांच की मांग कर दी है. उन्होंने कहा है कि प्रतीक यादव की मौत कैसे हुई, इसकी पूरी सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रतीक नेताजी के प्यारे थे और उनकी मौत ने सभी को चौंका दिया है.
ADVERTISEMENT
सुबह 5:55 में लाया गया था अस्पताल
मिली जानकारी के मुताबिक तबीयत बिगड़ने के बाद बुधवार की सुबह प्रतीक यादव को अस्पताल ले जाया गया था. अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें 5 बजकर 55 मिनट पर अस्पताल लाया था. जब प्रतीक अस्पताल पहुंचे तो उनकी सांसे थम गई थी और अस्पताल प्रशासन ने कहा कि प्रतीक मृत हालात में पहुंचे थे. फिर इसके बाद परिवार की सहमति के बाद उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी भेज दिया गया. डॉक्टरों ने साफ कहा है कि बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.
सपा सचिव की मांग
प्रतीक यादव की मौत को लेकर एक ओर जहां पूरे प्रदेश के लोग स्तब्ध है, वहीं सपा सचिव कमलापति ने बड़ी मांग की है. उन्होंने कहा कि, एक युवा की अचानक जान कैसे चली गई, इसकी जांच होनी चाहिए. साथ ही इसके पीछे की क्या वजह है, यह भी स्पष्ट करना चाहिए.
कौन थे प्रतीक यादव?
प्रतीक यादव सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे. वे सक्रिय राजनीति से दूर रहकर एक निजी जीवन व्यतीत करना पसंद करते थे. अपनी उच्च शिक्षा ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पूरी करने के बाद, उन्होंने रियल एस्टेट और फिटनेस के क्षेत्र में कदम रखा. लखनऊ में उनका अपना एक मशहूर जिम 'द फिटनेस प्लानेट' था. इसके अलावा वे पशु प्रेम और उनके संरक्षण के प्रति भी समर्पित थे और 'जीव आश्रय' नामक संस्था के माध्यम से इस दिशा में सक्रिय कार्य करते थे.
ADVERTISEMENT


