उत्तर प्रदेश में बुधवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का अचानक निधन हो गया. जैसे ही यह खबर फैली परिवार के साथ-साथ पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ पड़ी. महज 38 साल की उम्र में प्रतीक की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मौत फेफड़ों की नस में खून का थक्का जमने से दिल और फिर सांस रुकने की वजह से हुई है. अब इस मौत के बाद अब उनके परिवार की चर्चा होने लगी है जिसमें की उनकी पत्नी और दो बेटियां है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
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पीछे छोड़ पत्नी और 2 बेटियां
प्रतीक यादव अपने पीछे 2 बेटियों और पत्नी को छोड़ गए है. प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव भाजपा नेता है. वहीं उनकी दो बेटियां जिसमें बड़ी बेटी का नाम प्रथमा यादव है और वहीं दूसरी बेटी का नाम प्रतीक्षा यादव है. मिली जानकारी के मुताबिक प्रतीक की बड़ी बेटी का जन्म साल 2014 में 20 मार्च को हुआ था. प्रतीक अक्सर अपनी दोनों बेटियों के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते थे, जिसमें परिवार की बॉन्डिंग साफ दिखती है. लेकिन अब उनके चले जाने से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है.
प्रतीक की मां की कहानी
प्रतीक यादव की मां साधना गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के बिधुना की रहने वाली थीं. साधना गुप्ता की पहली शादी चंद्र प्रकाश गुप्ता से हुई थी और उन्हीं का बेटा प्रतीक है. लेकिन शादी के कुछ सालों बाद ही अनबन के कारण साधना और चंद्र प्रकाश अलग हो गए और साधना गुप्ता प्रतीक को लेकर लखनऊ रहने लगी. कहा जाता है कि 1982-83 के दौर में पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर साधना गुप्ता पहली बार मुलायम सिंह के संपर्क में आई थी. फिर बाद में साल 2003 में मुलायम सिंह की पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह ने साधना गुप्ता को अपनी पत्नी का दर्जा दिया. कहा जाता है कि अमर सिंह ने इस रिश्ते को स्वीकार्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
प्रतीक और अपर्णा की लव-स्टोरी
प्रतीक और अपर्णा यादव की लव-स्टोरी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. लखनऊ में पढ़ाई के दौरान पहले दोनों की मुलाकात हुई. धीरे-धीरे दोस्ती हुई और फिर ई-मेल के जरिए प्रतीक ने अपने प्यार का इजहार किया था.(पूरी खबर पढ़ें)
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