प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोटों के निशान, मौत की असली वजह भी आई सामने

प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा. शरीर पर मिले चोटों के कई पुराने और नए निशान. जानें क्या रही मौत की असली वजह और डॉक्टरों की राय.

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प्रतीक यादव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासे.

आशीष श्रीवास्तव

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Prateek Yadav news : समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की मौत के मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है. उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों पर चोटों के निशान पाए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, ये चोटें मौत से पहले की (Antemortem) हैं. हालांकि शरीर पर ये कैसे घाव हैं इसे लेकर चर्चा हो रही है. 

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शरीर पर मिले नीले निशान और अंदरूनी चोटें 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव के शरीर पर छाती, दाहिने हाथ, कोहनी और कलाई पर कंट्यूजन (नीले निशान) और अंदरूनी खून जमने के निशान पाए गए हैं. रिपोर्ट में चोटों को दो श्रेणियों में बांटा गया है-  

  • चोट नंबर 1, 2 और 3: ये निशान करीब 5 से 7 दिन पुराने बताए गए हैं. 
  • चोट नंबर 4, 5 और 6: ये चोटें लगभग एक दिन पुरानी यानी मौत से कुछ समय पहले की बताई गई हैं. 
  • डॉक्टरों ने साफ किया है कि ये सभी चोटें एंटेमॉर्टम हैं, जिसका अर्थ है कि ये चोटें उन्हें जीवित रहते हुए लगी थीं. 

क्या रही मौत की मुख्य वजह? 

रिपोर्ट में मौत का प्राथमिक कारण मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएंबोलिज्म (Massive Pulmonary Thromboembolism) के कारण हुआ कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स (Cardiorespiratory Collapse) बताया गया है. आसान भाषा में कहें तो फेफड़ों की धमनी में खून का थक्का जमने की वजह से हृदय और श्वसन तंत्र ने काम करना बंद कर दिया था. 

आगे की जांच के लिए नमूने सुरक्षित 

हालांकि मौत की वजह स्पष्ट की गई है, लेकिन शरीर पर मिले चोटों के निशानों को देखते हुए डॉक्टरों ने हृदय और अन्य महत्वपूर्ण नमूनों को हिस्टोपैथोलॉजिकल और केमिकल जांच के लिए सुरक्षित (Preserve) रख लिया है. इन जांचों के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि क्या इन चोटों का मौत से कोई सीधा संबंध था या नहीं. 

ध्यान देने वाली बात है कि प्रतीक यादव बुधवार सुबह करीब 4:00 से 4:30 बजे के बीच लखनऊ स्थित आवास के किचन एरिया में बेहोश पाए गए. इन्हें सुबह करीब 5:30 बजे लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल ले जाया गया. यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें 'ब्रॉट डेड' (Brought Dead) घोषित कर दिया, क्योंकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी नाड़ी (Pulse) और धड़कन रुक चुकी थीं.

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पहले भी हुए थे अस्पताल में भर्ती

प्रतीक यादव 30 अप्रैल 2026 को भी एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे, जहां से वे बिना औपचारिक डिस्चार्ज के घर आ गए थे. अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में संकेत दिया कि प्रतीक पिछले कुछ समय से व्यावसायिक घाटे (Business Loss) के कारण मानसिक तनाव में थे. घटना के समय उनकी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव असम में थीं, जो खबर मिलते ही तुरंत लखनऊ पहुंची. गुरुवार को लखनऊ में दोपहर 2 बजे पिपरा घाट पर होगा. 

प्रतीक यादव के निधन के बाद उनके आवास पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, उनकी पत्नी और सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव पहुंचे. इधर अपर्णा के आने के बाद आवास पर उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहा. लोग अपर्णा और उनकी दोनों बेटियों को ढांढस देते रहे. प्रतीक यादव के अंतिम दर्शन के लिए बीजेपी सांसद साक्षी महाराज और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे.  

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