"बंटी बबली और बहू ने मारा"...प्रयागराज के एक ही घर में 4 लाशें और दीवार ये मैसेज, पकड़ा गया बेटे का दोस्त तो पता चली ये कहानी

प्रयागराज के साउथ मलाका में करोड़पति व्यापारी परिवार के 4 लोगों की हत्या. बंद घर में मिलीं लाशें, दीवार पर लिखा मिला 'बंटी बबली और बहू ने मारा'. इधर पुलिस ने 12 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा कर दिया है.

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साजिश में शामिल था बेटा पर उसके दोस्त ने उसे भी नहीं छोड़ा.

पंकज श्रीवास्तव

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प्रयागराज में करोड़पति परिवार के घर से लगातार बदबू आ रही थी. पता चला वो घर दो दिनों से बंद है. जब एक रिश्तेदार ने पुलिस को सूचित किया तो पता चला कि घर के भीतर 4 शव पड़े हैं. घर के मालिक, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे की. क्राइम सीन को देखकर खुद पुलिस भी हैरान हो गई, क्योंकि घर के अंदर दीवारों और बोर्ड पर एक रहस्यमयी संदेश लिखा मिला है, जिसने इस पूरे मामले को और ज्यादा उलझा दिया. हालांकि इस हत्याकांड का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर ही खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. 

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क्या है पूरा मामला ?  

यह पूरी घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका इलाके की है. यहां व्यापारी वीरेंद्र कुमार वैश्य का मकान है. वीरेंद्र वैश्य इलाके के धनाढ्य लोगों में गिने जाते हैं. इनका घर पिछले कुछ दिनों से बाहर से बंद था. 2 जून को जब पड़ोसियों को घर के अंदर से तेज बदबू आने लगी, तो इसकी जानकारी मंजीत तक पहुंची. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब घर का ताला तोड़ा, तो अंदर का नजारा खौफनाक था. अलग-अलग कमरों में परिवार के सदस्यों की लाशें बिखरी पड़ी थीं.

शुरुआत में पुलिस को घर के मुखिया वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य और बेटी मीनाक्षी की लाश मिली. पहले तीन शव मिलने के बाद शक के दायरे में घर का बेटा अभिषेक आया, जो गायब था, लेकिन देर शाम जब पुलिस ने घर और परिसर में बनी दुकानों की सघन तलाशी ली, तो 12-15 दुकानों में से एक बंद दुकान के अंदर से गायब बेटे अभिषेक की भी लाश बरामद हो गई.

दीवार पर लिखा मिला खौफनाक संदेश- "बंटी बबली और बहू ने मारा" 

पुलिस जब मामले की तफ्तीश के लिए घर के भीतर दाखिल हुई, तो वहां दीवारों और एक बोर्ड पर लिखा मिला- "बंटी बबली और बहू ने मारा है." इस संदेश के मिलने के बाद पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आखिर यह किसने लिखा और इसके पीछे कौन लोग हैं. 

भारी चीज से सिर पर वार कर की गई हत्या 

प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, परिवार के सदस्यों की हत्या किसी भारी वस्तु से सिर पर वार करके की गई है. शव काफी पुराने हो चुके थे, जिसके कारण काफी बदबू फैल गई थी. पुलिस ने फिंगरप्रिंट्स और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को काम पर लगाया.

जेल में बंद दूसरे बेटे की क्रिमिनल हिस्ट्री और पारिवारिक विवाद 

पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक वीरेंद्र वैश्य का एक और बेटा है, जिसका नाम अश्विनी वैश्य है. अश्विनी वैश्य पहले से ही धोखाधड़ी (फ्रॉड) के कई मामलों में कौशांबी जेल में बंद है.

आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि दोनों भाइयों- अभिषेक (जिसका शव मिला है) और अश्विनी (जो जेल में है) के बीच संबंध बिल्कुल अच्छे नहीं थे. दोनों के बीच अक्सर गाली-गलौच, वाद-विवाद और झगड़े होते रहते थे. दोनों भाइयों का अतीत भी कुछ आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है. पुलिस अब जेल में बंद बेटे, उसकी पत्नी (बहू) और दीवार पर लिखे नामों के कनेक्शन को खंगालने में जुट गई. मामले के जल्द खुलासे के लिए पुलिस की 5 अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने लगी. इधर पुलिस की टीम ने जांच करते-करते भीतर मृतक अभिषेक के दोस्त सनी तक पहुंच गई. पुलिस की पूछताछ में सनी घबराया और उसने सबकुछ रट्‌टू तोते की तरह बता दिया. महज 12 घंटे में पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. 

आरोपी सनी ने किए चौंकाने वाले खुलासे 

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सनी और मृतक अभिषेक दोनों एक दूसरे के दोस्त थे. मृतक अभिषेक की गलत आदतों के चलते उसके पिता ने उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया था. उसे पैसों की जरूरत थी. ऐसे में उसने दोस्त सनी के साथ अपने ही घर में लूट का प्लान बनाया. दोनों घर में दाखिल हुए. दोनों ने मिलकर पहले पहले मीनाक्षी को मार डाला. इसके बाद घर के ऊपरी फ्लोर पर जाकर वीरेंद्र कुमार वैश्य और उनकी पत्नी अनीता वैश्य को भी मार डाला. 

लूट की रकम को लेकर बवाल हुआ तो दोस्त को भी मार दिया 

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि जब लूट की रकम को लेकर सनी और अभिषेक के बीच विवाद हुआ तो दोनों आपस में ही उलझ गए. इस दौरान सनी ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया और लूट का सारा माल लेकर फरार हो गया. जाने से पहले घर में पड़े शवों पर डिटर्जेंट पाउडर छिड़क दिया और तजाब भी छिड़क दिया ताकि सबूत मिट जाएं. उसने अभिषेक के शव को अलग जगह ठिकाने लगाया और घर लॉक कर चलता बना. 

आरोपी के पास मिली ये चीजें 

पुलिस ने आरोपी के पास से एक लोहे का पाइप बरामद किया जिसका इस्तेमाल कर उसने हत्याएं की थी. आरोपी के पास से 1002.12 ग्राम पीली धातु (सोना) और 360.56 ग्राम सफेद धातु (चांदी) के अलावा 1000 रुपए कैश भी मिले हैं. पुलिस कमिश्नरेट की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए इस जघन्य अपराध का खुलासा किया है, जिसके बाद अब मामले में लूट की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं. 

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