प्रयागराज माघ मेले से शुरु हुआ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विवाद ने अब एक नया ही मोड़ ले लिया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है. इससे पहले मंगलवार को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फिर से कहा कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी जिसे लोग जी महाराज भी कहते हैं उनपर भी कई आरोप लगाए. इसके साथ ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी अजल पाल शर्मा और आशुतोष ब्रह्मचारी का एक फोटो दिखाया और जमकर तंज कसा है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.
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पुलिस की ओर से नहीं मिला कोई नोटिस
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि अभी तक उन्हें ना तो पुलिस की ओर से कोई नोटिस मिला है और ना ही उनसे संपर्क किया गया है. इसके अलावा उन्होंने फिर कहा है कि जिन बच्चों से हमारी कभी मुलाकात नहीं हुई, कभी संस्था में वो आए नहीं तो हमारा उनसे क्या कनेक्शन है ये आपको सिद्ध करना होगा.
केक काटने वाली तस्वीर पर किया हमला
इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने फोन में एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि आप लोग पहचान लीजिए ये कौन है? इसमें एक व्यक्ति जी महाराज(आशुतोष ब्रह्मचारी) है और इसके साथ जो प्रयागराज पुलिस अधिकारी अजय पाल शर्मा है, जो जांच कर रहे है. ये पुलिस अधिकारी एक हिस्ट्रीशीटर के साथ केक काट रहे है. उत्तर प्रदेश में अपराधी और पुलिस का जो गठजोड़ है ये चित्र बखूबी इस बात को कह रहा है. इसलिए जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे है.
18 तारीख को जो हुआ सब प्री-प्लांड
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले में मौनी अमावस्या यानी 18 जनवरी को हुए घटने को भी प्री-प्लांड बताया. उन्होंने कहा कि संगम नोज पर हमें रोक कर तांडव किया गया. उन्होंने आगे कहा कि तथाकथित जी महराज अचानक उस दिन प्रकट हो गए और उन्होंने मेरे प्रमुख शिष्य मुकुंदानंद पर आरोप लगाया कि हमको पटक दिया और गला दबा रहे थे. साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने पालकी से वजनदार चीज फेंकी और हम नहीं हटते तो हम मर ही जाते.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 18 तारीख से पहले जिस व्यक्ति का नाम नहीं था, जिसें हम भी नहीं जानते थे वह सक्रिय कैसे हो गया. उन्होंने आगे कहा कि अजय पाल शर्मा और आशुतोष ब्रह्मचारी की दोस्ती पहले से है और फिर उन्होंने मिलकर खेलना शुरू कर दिया.
पुलिस ने क्यों नहीं किया मामला दर्ज?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पॉक्सो जैसे गंभीर मामले में पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं करने पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने जान-बूझकर मामला दर्ज नहीं किया और पुलिस खुद कहानी बना रही थी इसलिए उन्हें डर था. इसी वजह से उन्होंने कोर्ट से आदेश करवाया और फिर मुकदमा दर्ज किया.
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