वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक संत प्रेमानंद जी महाराज के शिष्य रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़े हुए है. रसिक दुलारी के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए बड़े खुलासों के बाद अब आश्रम प्रबंधन ने कई बड़े बदलाव किए है. अब संत प्रेमानंद जी महाराज के एकांतिक दर्शन, वार्तालाप और दीक्षा को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही आश्रम प्रबंधन ने फर्जीवाड़ा और पहचान के भ्रम को रोकने के लिए शिष्यों के वेशभूषा को लेकर भी बड़े बदलाव किया है. विस्तार से जानिए पूरी बात.
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बंद हो गए एकांतिक दर्शन और वार्तालाप
जानकारी के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज 5 महीने पहले ही 'श्रीहित राधा केली कुंज' से निकलकर यमुना पार स्थित बेलवन बने 6 एकड़ के नए आश्रम में चले गए थे. इसी आश्रम में करीब 2 महीने एकांतिक वार्तालाप और दर्शन दोबारा शुरू हुए थे. लेकिन शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद से ही एकांतिक दर्शन और वार्तालाप को अनिश्चित काल के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है. साथ ही शिष्यों को दी जाने वाले गुरु दीक्षा और नाम मंत्र जाप देने की प्रक्रिया को भी अगले आदेश तक रोक दी गई है.
वेशभूषा को लेकर हुए बड़े बदलाव
आश्रम प्रबंधन ने अपने आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए एक सूचना जारी कर कपड़ों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए है. नए आदेश के मुताबिक, जो शिष्य विरक्त या गृहस्थ हैं और किसी व्यवसाय से जुड़े हैं, जैसे ठेला या दुकान चलाते हैं, उन्हें अब सामान्य वस्त्र या कुर्ता-पायजामा पहनने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे शिष्यों को आश्रम के सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति नहीं होगी.
इसके अलावा, गृहस्थ शिष्य जो पूज्य महाराज जी की केली कुंज सेवा में जुटे हुए हैं, उनके लिए भी सामान्य कुर्ता-पायजामा पहनना अनिवार्य किया गया है. आश्रम के सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति अब केवल उन्हीं सदस्यों को होगी, जो प्रेमानंद महाराज की सेवा या कुंज की व्यवस्था और सेवा में लगे हुए हैं. आश्रम की ओर से जारी संदेश में यह भी कहा गया है कि अब केली कुंज आने वाले लोगों को शिष्यों की वेशभूषा में यह बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा. वहीं, विरक्त, संन्यासी और गुरु दीक्षा प्राप्त साधु भेषधारी शिष्यों के लिए पीले या सफेद वस्त्र निर्धारित किए गए हैं.
साधु की मौत और कैमरे पर चुप्पी
शिष्य दीपक लोधी की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट, पसलियों में फ्रैक्चर और शरीर पर एंटीमॉर्टम इंजरी की पुष्टि हुई है. इन तथ्यों के सामने आने के बाद आश्रम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच आश्रम में शिष्यों की पहचान और अनुशासन बनाए रखने के लिए वेशभूषा में बदलाव किया गया है. हालांकि, दीपक लोधी की मौत और उससे जुड़े सवालों को लेकर आश्रम प्रबंधन की ओर से अब तक कोई जिम्मेदार व्यक्ति कैमरे के सामने बयान देने के लिए तैयार नहीं है. पूरे मामले पर प्रबंधन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है.
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