Neha Singh Rathore: महाराष्ट्र के पुणे में कांग्रेस के युवा संपर्क कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' के दौरान एक ऐसा संवाद देखने को मिला, जिसने देश के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मंच पर भोजपुरी गायिका और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रहने वाली नेहा सिंह राठौर मौजूद थीं. दोनों के बीच हुई बेबाक बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
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"मैं सुधरने वाली नहीं, राहुल बोले- मैं भी नहीं!"
मंच से बोलते हुए नेहा सिंह राठौर ने सरकार और ट्रोलिंग को लेकर कहा कि "मैं सरकार से उन तमाम मुद्दों पर सवाल पूछ लेती हूं जो सरकार को पसंद नहीं आते और बदले में मुझे ढेर सारी गालियां और एफआईआर झेलने पड़ते हैं. मैं थोड़ी ढीठ लड़की हूं, इसलिए नहीं डरती. वो 5 सालों से मुझे गालियां दे रहे हैं और कहते हैं तू सुधरी नहीं... मैं उनसे बता देना चाहती हूं कि मैं नहीं सुधरने वाली हूं."
इस पर राहुल गांधी ने तुरंत चुटकी लेते हुए मुस्कुराकर कहा: "मुझे भी 5 सालों से गालियां दे रहे हैं, मैं भी नहीं सुधरने वाला हूं."
अंबेडकर नगर की बहू बनने के बाद का सुनाया दर्द
नेहा सिंह राठौर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए यूपी और अपने ससुराल अंबेडकर नगर का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि 21 जून 2021 को अंबेडकर नगर के महरवा थाना क्षेत्र के हड़ी पकड़िया गांव निवासी हिमांशु सिंह से उनकी शादी हुई थी.
नेहा ने कहा कि "जब मैं नई-नई शादी करके ससुराल आई थी और गाना 'यूपी में का बा' गाया, तो मेरे पीछे जीप भर-भरकर पुलिस भेजी गई. गांव के लोग मेरे हसबैंड और ससुराल वालों से कानाफूसी करते थे कि कौन-सी लड़की ब्याह कर ले आए, पता नहीं कौन-सा क्राइम करके आई है. एक महिला के लिए समाज में पहचान बनाना या मुखर होकर बोलना बहुत कठिन होता है. कुछ नहीं तो चरित्र खराब है बोलकर ट्रोल किया जाता है."
क्या अंबेडकर नगर से चुनाव लड़ेंगी नेहा सिंह राठौर?
पुणे के इस मंच पर नेहा सिंह राठौर द्वारा बिहार के बजाय यूपी और खासतौर पर अपने ससुराल अंबेडकर नगर का जिक्र करने व सीधे योगी सरकार पर निशाना साधने के बाद कयासबाजी तेज हो गई है. सियासी गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि क्या नेहा सिंह राठौर अंबेडकर नगर सीट से चुनावी पारी की शुरुआत करने वाली हैं.
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है. सीडब्ल्यूसी (CWC) की बैठक में तय किया गया है कि युवाओं से जुड़ने के इस अभियान को देश के 800 शहरों में आयोजित किया जाएगा.
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