पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीएम चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बलिया के राज सिंह की गिरफ्तारी हुई. पुलिस ने दावा किया कि चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में राज सिंह की भूमिका है. राज को अयोध्या से लौटते वक्त एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी से लेकर बरी होने तक राज के साथ क्या-क्या हुआ उन्होंने UP तक से खास इंटरव्यू में शेयर किया. साथ ही राज सिंह का क्षत्रिय महासभा को लेकर दर्द भी छलका. राज ने साफ कहा कि बुरे वक्त में क्षत्रिय महासभा ने मुंह फेर लिया था. इस्तीफे की बात पर राज सिंह ने दिया बड़ा इशारा.
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'CBI और सीसीटीवी फुटेज ने बचाई जान'
राज सिंह ने अपनी बेगुनाही साबित होने के पीछे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और पुख्ता सबूतों को वजह बताया. उन्होंने कहा कि सीबीआई के अंडर आते ही उनके साथ किसी भी प्रकार की बदतमीजी नहीं हुई. अधिकारियों ने पूरी तरह निष्पक्ष होकर जांच की. राज ने भावुक होकर कहा, "अगर सीबीआई न होती तो मेरे जैसे निर्दोष लड़के का पुलिस कभी का एनकाउंटर कर चुकी होती."
सीसीटीवी और शॉपिंग बिल बने ढाल
राज सिंह को बचाने में सीसीटीवी फुटेज और एक मॉल के शॉपिंग बिल ने सबसे अहम भूमिका निभाई. राज ने बताया कि उन्होंने ड्रेसलैंड मॉल से करीब 2800 रुपए का जो कुर्ता-पायजामा खरीदा था, उसका बिल और सीसीटीवी फुटेज उनके पास थे, जिससे साबित हुआ कि वे घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे.
'बुरे वक्त में क्षत्रिय महासभा ने फेरा मुंह, अब दूंगा इस्तीफा'
राज सिंह क्षत्रिय महासभा के प्रदेश महासचिव के पद पर हैं. संगठन के रुख से वे बेहद आहत नजर आए. उन्होंने कहा कि जब वे इस मुसीबत में फंसे, तो संगठन का कोई भी व्यक्ति उनके परिवार की मदद के लिए आगे नहीं आया. उन्होंने कहा, "बुरे वक्त में सिर्फ अपने परिजन और खास लोग ही काम आते हैं, ऐसी लाइमलाइट वाले पदों का कोई मतलब नहीं है." उन्होंने जल्द ही इस पद से इस्तीफा देने के संकेत भी दिए हैं.
राज सिंह ने अंत में देश के आम नागरिकों को संदेश देते हुए कहा कि अगर कोई पूरी तरह बेगुनाह है, तो उसे स्थानीय पुलिस या एसओजी के दबाव से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि सीधे सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए क्योंकि सीबीआई सच को सामने लाकर ही रहती है.
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