RAM Mandir New CEO: वायुसेना के जांबाज अधिकारी जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO, 3 नए ट्रस्टी भी बनाए गए

न्यूज तक डेस्क

02 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 2 2026 6:07 PM)

RAM Janmabhoomi Trust CEO Jitendra Mishra: अयोध्या के राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े फेरबदल और विवाद के बाद अब पहले सीईओ के नाम पर आधिकारिक मुहर लग चुकी है. हजारों आवेदनों के बीच से चुनकर आए इस अधिकारी के कंधों पर सुरक्षा से लेकर व्यवस्थाओं तक की अहम जिम्मेदारी होगी.

 अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
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RAM Mandir Trust CEO: RAM Mandir Trust CEO: अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला सीईओ मिल गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इस अहम जिम्मेदारी के लिए चुना गया है. खास बात यह है कि इस पद के लिए ट्रस्ट को 5,585 आवेदन मिले थे. स्क्रीनिंग कमेटी ने 16 उम्मीदवारों के इंटरव्यू के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया, जिसमें से जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगी.

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ट्रस्ट में शामिल हुए तीन नए सदस्य

आपको बात दें कि इस नियुक्ति से पहले ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया था. इनमें अयोध्या से मदन मोहन पांडेय, दिल्ली से महेश भागचन्दका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव का नाम शामिल है, जिन्होंने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को आगे बढ़ाने में मदद दी है. राम मंदिर चंदा चोरी मामले में गंभीर आरोप लगने के बाद पूर्व महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. इस विवाद के बाद ट्रस्ट की छवि को सुधारने और व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ही 6 जुलाई से सीईओ की इस नई नियुक्ति प्रक्रिया की शुरुआत की गई थी.

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तय की गई थीं यह ये योग्यताएं

इस खास पद के लिए उम्मीदवारों के सामने कुछ शर्तें और योग्यताएं रखी गई थीं. आवेदक का कम से कम ग्रेजुएट होना जरूरी था. साथ ही किसी बड़े सरकारी विभाग, कंपनी या पब्लिक ऑर्गेनाइजेशन में मैनेजमेंट का कम से कम 20 साल का अनुभव होना अनिवार्य था. इसके अलावा उम्मीदवार का सनातनी हिंदू होना और नियमित रूप से पूजा-पाठ करना जरूरी था, जिसमें वैष्णव परंपरा के राम भक्त को प्राथमिकता दी गई. उम्र सीमा 50 से 70 वर्ष तय की गई थी और हिंदी-अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान होना भी आवश्यक था.

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