12 हजार की नौकरी और आलीशान शौक… राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार अविनाश शुक्ला ने आखिर क्या-क्या खरीदा? सब पता चल गया

संतोष शर्मा

• 03:58 PM • 05 Jul 2026

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार अविनाश शुक्ला ने 13 घंटे की पुलिस रिमांड के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. मामूली नौकरी करने वाला आरोपी कथित तौर पर चोरी के पैसों से कार और संपत्तियां बना रहा था. CCTV फुटेज सामने आने के बाद पूरी साजिश की परतें खुलने लगी हैं.

अविनाश शुक्ला ने चढ़ावे के पैसों से क्या-क्या खरीदा?
अविनाश शुक्ला ने चढ़ावे के पैसों से क्या-क्या खरीदा?
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Ram Mandir Chadhawa Case: अयोध्या के भव्य राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के चढ़ावे में हुई चोरी के मामले में पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से एक अविनाश शुक्ला को पुलिस ने कोर्ट से 13 घंटे की रिमांड पर लिया था. इस 13 घंटे की पुलिस पूछताछ में अविनाश ने ऐसे कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है.

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सरकारी टीचर भाई के नाम पर खरीदी कार

पुलिस की जांच और पूछताछ में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि अविनाश शुक्ला केवल 12 से 13 हजार रुपये की मामूली नौकरी करता था. लेकिन रामलला के चढ़ावे से चोरी किए गए पैसों से उसने ऐशो-आराम के साधन जुटाने शुरू कर दिए थे. अविनाश ने चोरी की रकम से एक सेकंड हैंड कार खरीदी. किसी को उस पर शक न हो, इसलिए उसने यह कार अपने भाई अभिषेक के नाम पर ट्रांसफर कराई, जो कि एक सरकारी स्कूल में टीचर है. पुलिस ने अविनाश की निशानदेही पर इस कार (गाड़ी संख्या: UP 42 AP 6054) को बरामद कर राम जन्मभूमि थाने में खड़ा कर दिया है.

45 दिनों के CCTV फुटेज देखकर फूटा घड़ा

पुलिस के सामने शुरुआती पूछताछ में अविनाश खुद को बिल्कुल निर्दोष बताता रहा. लेकिन जब अयोध्या पुलिस ने उसके सामने 45 दिनों के वो सीसीटीवी (CCTV) फुटेज रख दिए, जिसमें वह साफ तौर पर चढ़ावे की चोरी करते हुए कैद हुआ था तो वह पूरी तरह टूट गया. इसके बाद उसने परत-दर-परत पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया.

सुनसान रास्ते पर होती थी चोरी के पैसों की 'बंदरबांट'

अविनाश ने बताया कि इस चोरी में शामिल सभी आरोपी एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे. वे सभी लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर स्थित 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के एक सुनसान इलाके में इकट्ठा होते थे. इसी सुनसान जगह पर सभी आरोपी बैठकर मीटिंग करते थे और रामलला के दान से चुराए गए पैसों का आपस में बंटवारा (बंदरबांट) किया करते थे.

चोरी की रकम से खड़े कर लिए मकान और संपत्तियां

पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि आरोपियों ने इस पवित्र दान राशि की चोरी कर अपनी निजी संपत्तियां खड़ी कर ली थीं. जहां अविनाश ने अपने भाई के नाम पर कार खरीदी, वहीं इस मामले के एक अन्य आरोपी लवकुश मिश्रा ने चोरी के पैसों से अपना मकान तक बनवा लिया था. फिलहाल 13 घंटे की रिमांड अवधि खत्म होने के बाद पुलिस ने अविनाश शुक्ला को वापस जेल भेज दिया है. अयोध्या पुलिस अब आरोपियों से मिले सुरागों के आधार पर मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है.

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