बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद: 1 जुलाई को बदले गए थे 32 CCTV कैमरे, मामले में उठे सवाल तो CEO ने बताई इसकी पीछे की वजह

Badrinath Temple Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेरफेर के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. कथित गड़बड़ी सामने आने से पहले मंदिर में 32 सीसीटीवी कैमरे बदल दिए गए थे, इससे मामला अब और गहरा गया है. वहीं मंदिर समिति ने कथित हेरफेर के आरोप में आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं.

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बद्रीनाथ धाम में CCTV बदलने पर बढ़ा विवाद
बद्रीनाथ धाम में CCTV बदलने पर बढ़ा विवाद
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Badrinath Dham Chadhawa Case: अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान राशि में कथित तौर पर हेरफेर के आरोपों लगने लगे हैं. सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने और शिकायत मिलने के बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अब इस मामले को गंभीरता से लिया है. घटना के सामने आते ही BKTC मामले की निष्पक्ष जांच कराने के आदेश दे दिए हैं. समिति का कहना है कि अगर कोई भी कर्मचारी जांच में दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा.

ठीक गड़बड़ी के वक्त बदले गए 32 सीसीटीवी कैमरे

इस बीच अब इस विवाद में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, जिससे मामले में शक को और बढ़ा दिया है. दरअसल, जांच के दौरान पता चला है कि बद्रीनाथ धाम में 1 जुलाई को 32 सीसीटीवी कैमरे बदले गए थे. इसके बाद दान और चढ़ावे में हेरफेर की बात सामने आई थी. हालांकि, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति इस प्रक्रिया को पूरी तरह से एक सामान्य और रूटीन प्रक्रिया बता रही है.

मुख्यकार्याधिकारी ने कैमरों को लेकर दी अपनी सफाई

सीसीटीवी कैमरे बदले जाने के विवाद पर बद्रीनाथ के मुख्यकार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड ने बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि 1 जुलाई को बद्रीनाथ धाम में 32 सीसीटीवी कैमरे बदले गए थे. ये कैमरे किसी दानदाता ने मंदिर को हाई पावर सीसीटीवी कैमरे दान स्वरूप दिए थे. मुख्यकार्याधिकारी ने कहा कि कैमरों को बदले जाने के बावजूद पुरानी सभी रिकॉर्डिंग DVR को सुरक्षित रखा गया है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के सामने आते ही पूरी सच्चाई सबके सामने आ जाएगी.

BKTC अध्यक्ष के निजी सचिव पर गिरी गाज

इस कथित चढ़ावा चोरी के मामले के तूल पकड़ने के बाद मंदिर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यकार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड के अनुसार मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए BKTC अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को फिलहाल मंदिर के सभी कामकाज से पूरी तरह दूर कर दिया गया है. 

कैसे सामने आया मामला?

दरअसल, भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने मंदिर समिति को एक चढ़ावे में कथित हेरफेर को लेकर एक शिकायती लेटर भेजा था. इसमें कहा गया कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित तौर पर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया. इस चोरी में मंदिर समिति के ही एक कर्मचारी की मुख्य भूमिका होने की आशंका जताई गई. शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में FIR दर्ज कराने और पूरी पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच करने की मांग उठाई है.

मंदिर समिति के प्रबंधन पर पहले भी लगे हैं आरोप

आपको बता दें कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ समिति केवल मुख्य धाम ही नहीं, बल्कि इसके साथ-साथ अन्य 47 प्रमुख मंदिरों के प्रबंधन और व्यवस्थाओं को देखने का कार्य करती है. यह पहली बार नहीं है जब समिति विवादों में आई है. इससे पहले भी बद्रीनाथ-केदारनाथ समिति पर दर्शन कराने के नाम पर पैसों का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लग चुके हैं. 

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