राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: लवकुश मिश्रा का अयोध्या में बन रहा था आलीशान मकान, 3 महीने में पत्नी के खाते में आए इतने रुपये कि जानकार रह जाएंगे हैरान

संतोष शर्मा

• 06:36 PM • 02 Jul 2026

Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. कम वेतन पाने वाले कर्मचारी लवकुश मिश्रा और उसकी पत्नी के बैंक खातों में लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है. अब अवैध संपत्ति, बैंक ट्रांजैक्शन और निर्माणाधीन मकान को लेकर जांच एजेंसियां एक्शन मोड में हैं.

राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा,
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Ram Mandir Chadhawa Chori Case: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियो पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जिसके बाद अब कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा और उसकी पत्नी के बैंक खातों में लाखों रुपए के लेनदेन की बात सामने आई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राम मंदिर में काम करने वाला लवकुश मिश्रा बेहद कम सैलरी पर काम करने वाला एक कर्मचारी था. इसके बावजूद, दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच यानी महज तीन महीने के छोटे से समय में उसने अपनी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के बैंक खाते में 20 लाख रुपए जैसी बड़ी राशि जमा कराई थी. इतनी बड़ी रकम खाते में आने के बाद अब जांच एजेंसियां इस बैंक अकाउंट को खंगालने में जुट गई हैं.

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बिना नक्शा पास कराए बन रहा था आलीशान मकान

कम वेतन पाने वाले इस कर्मचारी की संपत्तियों पर अब लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. लवकुश मिश्रा ने सोहावल तहसील के सादतगंज इलाके में अपनी पत्नी के नाम पर करीब एक हजार स्क्वायर फीट का एक मकान बनवाना शुरू किया था. इस मकान का निर्माण फरवरी 2026 में शुरू हुआ था और मार्च 2026 में इसका दाखिल-खारिज कराया गया था. अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इस निर्माणाधीन मकान का सर्वे किया है और बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने के आरोप में सुप्रिया मिश्रा को नोटिस जारी कर दिया है.

अवैध निर्माण पर लटकी बुलडोजर की तलवार

विकास प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद लवकुश मिश्रा के इस मकान पर बुलडोजर चलने की सुई और तलवार लटकती दिखाई दे रही है. प्राधिकरण ने आरोपी की पत्नी को अपना पक्ष रखने के लिए पंद्रह दिनों का समय दिया है. इस नोटिस का क्या जवाब दिया जाता है, इसके बाद ही प्राधिकरण अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगा.

पड़ोसियों ने डर से की ये मांग

इलाके के पड़ोसियों का कहना है कि यह क्षेत्र पहले ग्राम पंचायत में आता था, लेकिन करीब आठ-नौ महीने पहले इसे विकास प्राधिकरण और नगर निगम के दायरे में शामिल किया गया है. पड़ोसियों ने मुख्यमंत्री और प्रशासन से गुहार लगाई है कि यहां बुलडोजर चलाने के बजाय सीलिंग, रिकवरी या नीलामी जैसी अन्य उचित व्यवस्था की जाए. उनका कहना है कि पड़ोस में लोगों ने बड़ी मेहनत से अपने मकान बनाए हैं और बुलडोजर चलने से आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है. इसके साथ ही मकान में बिना मीटर के चल रही बिजली को लेकर भी जांच की बात कही जा रही है.

ट्रस्ट की बड़ी बैठक पर टिकी निगाहें

चढ़ावा चोरी के इस बड़े मामले के सामने आने के बाद अब नए कानून के तहत आरोपियों से रिकवरी और उनकी संपत्तियों पर कार्रवाई की पूरी तैयारी की जा रही है. इस बीच, सभी की निगाहें छह जुलाई और ग्यारह जुलाई को होने वाली राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठकों पर टिक गई हैं. इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर क्या फैसला लिया जाएगा, इस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है.

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