Ram Mandir Controversy: राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर इस्तीफा मंजूर होने के बाद चंपत राय ने दिया पहला रिएक्शन, कही ये बातें!

रजत सिंह

• 10:16 AM • 08 Jul 2026

Ram Mandir Controversy: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद चंपत राय ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने राम भक्तों के नाम हस्तलिखित पत्र जारी कर कहा कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद सभी आरोपों का क्रमवार जवाब देंगे. जानिए उनके पत्र में क्या लिखा है, रामचरितमानस की कौन-सी चौपाई साझा की और इस पूरे विवाद का ताजा अपडेट.

Ram Mandir Dan Controversy
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अयोध्या के राम मंदिर से सामने आया कथित चढ़ावा चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और ट्रस्ट द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया गया है. राम मंदिर दान पात्र विवाद के बीच पद छोड़ने के बाद चंपत राय की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर रामचरितमानस की एक चौपाई साझा करने के साथ-साथ राम भक्तों के नाम एक हस्तलिखित चिट्ठी (पाती) भी जारी की है. इस चिट्ठी में उन्होंने खुद पर लग रहे आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि वह सही समय आने पर सभी बातों का क्रमानुसार जवाब देंगे और सारा सत्य सबके सामने आ जाएगा.

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इस्तीफे के बाद चंपत राय ने साझा की रामचरितमानस की चौपाई

चंपत राय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट साझा किया है. इस पोस्ट में उन्होंने रामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई 'धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी' का जिक्र किया है. इस चौपाई के माध्यम से उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि विपरीत परिस्थितियों या आपदा के समय ही यह पता चलता है कि कौन आपका सच्चा मित्र है और कौन नहीं. संकट के इस दौर में वह किस मित्र की तलाश में हैं या किसकी परीक्षा की बात कर रहे हैं, यह तो वही बेहतर जानते हैं, लेकिन इस पोस्ट के बाद सियासी गलियारों और राम भक्तों के बीच कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं.

'खुद पर लगे आरोपों को बताया अनर्गल'

सोशल मीडिया पोस्ट के अलावा चंपत राय ने 'चंपत राय की पाती राम भक्तों के नाम' से एक हस्तलिखित पत्र भी लिखा है. इस पत्र में उन्होंने जिक्र किया है कि पिछले 7 जून 2026 से श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के दान पात्र की गणना के समय की गई चोरी के संबंध में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. उन्होंने लिखा कि इस मामले को लेकर व्यक्तिगत रूप से उनके ऊपर अनेकों अनर्गल आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद उन्होंने मौन धारण कर लिया था.

एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद देंगे सभी बिंदुओं पर जवाब

चंपत राय ने अपनी चिट्ठी में आगे जानकारी दी कि मंदिर ट्रस्ट की 6 जुलाई को संपन्न हुई बैठक में एसआईटी (SIT) की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी. यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है, हालांकि यह बेहद गोपनीय थी. उन्होंने सभी राम भक्तों को आश्वस्त करते हुए लिखा है कि जैसे ही एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट सामने आ जाएगी, वह फैलाए जा रहे सभी बिंदुओं पर क्रमानुसार अपना उत्तर देंगे, जिससे सारा सत्य सामने आ जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने अपने लंबे प्रचारक जीवन का हवाला देते हुए कहा कि वह अक्टूबर 1991 से संगठन द्वारा अयोध्या भेजे गए थे और उनका 45 वर्षों का प्रचारक जीवन जहां-जहां भी रहा, वह एक खुली पुस्तक के समान है.

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष बोले- चंपत राय निर्दोष हैं लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया

दूसरी तरफ, 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार करते समय ट्रस्ट के सदस्य भी भावुक नजर आए. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चंपत राय पूरी तरह से निर्दोष हैं और उनका इरादा किसी भी प्रकार के करप्शन या गलत कार्य में लिप्त होने का नहीं रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि चंपत राय की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने इस मामले पर ठीक से ध्यान नहीं दिया. कोषाध्यक्ष ने चंपत राय के स्वभाव पर बात करते हुए कहा कि वे थोड़े जिद्दी स्वभाव के हैं और कई मामलों में अपनी ही बात सुनते थे, हालांकि अनेक मामलों में वे दूसरों की बातें सुनते भी थे.

चढ़ावा चोरी विवाद के केंद्र बिंदु में क्यों आए चंपत राय?

दरअसल, राम मंदिर परिसर में चढ़ावा चोरी का जब यह मामला सामने आया, तब चंपत राय ही ट्रस्ट के महासचिव के रूप में मंदिर के पूरे संचालन की देखरेख कर रहे थे. इस विवाद के सामने आने के बाद बाकी ट्रस्टियों ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया था, जिसके चलते सारी निगाहें चंपत राय पर टिक गईं और आखिरकार उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. इस पूरे मामले में रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव को आरोपी बनाया गया है, जो चंपत राय के बेहद करीबी और उनके ड्राइवर रहे हैं. यही वजह है कि चंपत राय इस पूरे विवाद के केंद्र बिंदु में आ गए हैं और अब सभी को एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और उसके बाद चंपत राय के विस्तृत जवाब का इंतजार है.

यहां देखें वीडियो

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में बड़ा फैसला, चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, जानें अब आगे क्या होगा?