Ram Mandir Dan Vivad: ट्रस्ट के अधिकारियों को पहले ही लग गई थी कथित चोरी की भनक? जानिए पुलिस जांच में अब तक क्या-क्या पता चला

Ram Mandir Dan Vivad: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में पुलिस जांच लगातार नए खुलासे कर रही है. वायरल CCTV वीडियो, कथित 5 लाख रुपये की बरामदगी, आरोपियों के घरों पर छापेमारी, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और ट्रस्ट को पहले से जानकारी होने के दावों के बीच जानिए अब तक जांच में क्या-क्या सामने आया है और किन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं.

Ram Mandir Donation Controversy
Ram Mandir Donation Controversy

संतोष शर्मा

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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा में हुए कथित घोटाले के मामले में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे है. जैसे-जैसे दिन बीत रहे है जांच एक नया ही दिशा ले रही है. इसी बीच 24 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अविनाश शुक्ला पुलिस और बैंक कर्मियों के साथ एक सफेद रंग की कार में जाता दिखाई दे रहा है. इस दौरान एक काला बैग भी मौजूद है, जिसे लेकर काफी चर्चा हो रही है. हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस काले में वही कैश है, जो कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बरामद किया है. इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के घर पर एक साथ छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया है. कहा जा रहा है कि इस दौरान भी पुलिस के हाथ कुछ ऐसी चीजें लगी है, जो कि मामले की गंभीरता को दिखाता है. फिलहाल पुलिस इन सभी चीजों की जांच कर रही है ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सकें. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.

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काले बैग में क्या-कुछ?

काले बैग का मामला तब सामने आया, जब एक CCTV फुटेज वायरल होने लगा. मिली जानकारी के मुताबिक यह सीसीटीवी 5 जून 2026 की रात 8 बजकर 13 मिनट का है. वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि, पुलिस बैंक कर्मियों के साथ आरोपी अविनाश शुक्ला को एक सफेद कार तक ले जाती है. इस दौरान अविनाश के हाथ में एक काला बैग भी नजर आता है. सूत्रों के अनुसार, जब ट्रस्ट को मंदिर से चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली थी, तब पुलिस ने अवनिाश के ठिकाने पर कार्रवाई की थी. इसी दौरान उसके पास से 5 लाख रुपए नकद कैश बरामद होने की बात भी कही जा रही है. हालांकि पुलिस ने इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच से जुड़े सूत्र लगातार इसी ओर इशारा कर रहे हैं.

ट्रस्ट को पहले से ही पता था सब-कुछ?

जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मंदिर ट्रस्ट को पहले से ही चढ़ाव में कथित चोरी की जानकारी मिल गई थी. इसी वजह से 5 जून को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों के निर्देश पर प्रतिनिधियों ने पुलिस के साथ मिलकर आरोपी के ठिकाने पर कार्रवाई की थी. यह जानकारी भी सामने आ रही है कि 7 जून को मामला सार्वजनिक होने से पहले ही पुलिस के संज्ञान में मामला आ गया था. हालांकि तब ट्रस्ट ने कोई लिखित या औपचारिक शिकायत नहीं दर्ज कराई थी.

आरोपियों के घर पर हुई तलाशी

इस मामले में 8 नामजद लोगों पर FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस ताबड़तोड़ एक्शन कर रही है. जांच को आगे बढ़ाते हुए बीते कल यानी रविवार को अयोध्या पुलिस ने सभी 8 आरोपियों के घर पर छापेमारी की और लगभग 1.5-2.5 घंटे तक आरोपियों के घर में मौजूद रही. यह कार्रवाई डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी के अगुवाई में की गई. इस दौरान पुलिस की टीम ने घर के अलग-अलग सदस्यों से पूछताछ की और जरूरी दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई. इस कार्रवाई की सबसे खास बात रही कि केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की टीम ने भी उनको सहयोग किया.

कोने-कोने तक ली गई तलाशी!

मामले में मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव के स्वर्गद्वार मोहल्ले स्थित घर में पुलिस ने कोने-कोने तक तलाशी ली. परिजनों के सामने ही अलमारियां खोली गई, बक्से देखे गए, पर्सों की जांच की गई. लगभग टीम ने ढाई लगातार मेहनत की और फिर वापस लौट गई. एक पड़ोसी ने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस की टीम ने घर का कोई कोना नहीं छोड़ा और पूरा खंगाल दिया. उनके मुताबिक जांच के दौरान पुलिस को कोई बड़ी नकदी या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. पुलिस जरूर दस्तावेज अपने साथ ले गई है. हालांकि पुलिस ने इसे लेकर भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है.

पुलिस को क्या-क्या मिला?

जांच से सूत्रों के मुताबिक कुछ आरोपियों  के घरों से जेवरात और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. अब पुलिस इन दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ सत्यापन कराएगी. जांच एजेंसियों यह पता लगाएंगी की जिन संपत्तियों के दस्तावेज है, आखिर वो कब खरीदी गईं है, उनकी कीमत कितनी है और खरीद के लिए इस्तेमाल की गई राशि का स्रोत क्या था. अगर जांच में यह सामने आता है कि संपत्तियां चोरी की गई रकम से खरीदी गई है तो आगे की कानूनी कार्रवाई का दायरा और भी बढ़ सकता है.

कई सवालों के जवाब अभी बाकी!

जांच केवल अब बरामद हुई नकदी और दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहने वाली है. जांच का अगला चरण आरोपियों के बैंक खातों, आर्थिक लेनदेन और हाल के वर्षों में खरीदी गई संपत्तियों पर केंद्रित रहेगा. सूत्रों का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो बैंक रिकॉर्ड्स तक खंगाले जा सकते है, ताकि पता चल की कथित चोरी की रकम का उपयोग कहां और कैसे हुआ है. हालांकि मामले की जांच जारी और गिरफ्तारियां भी चल रही है. लेकिन कुछ सवालों के जवाब अभी बाकी है, जैसे:

1. अगर 5 जून को ही कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया तो औपचारिक शिकायत बाद में क्यों दर्ज हुई.

2. CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले बैग में क्या सच में बरामद की गई नकदी थी या कुछ और?

3. 5 लाख रुपए की बरामदगी का आधिकारिक रिकॉर्ड क्या कहता है?

4. जिन दस्तावेजों की जांच हो रही है, उनका इस मामले से कोई संबंध है या नहीं?

5. क्या जांच में अभी और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है, जिसके कोई बड़े पदाधिकारी भी हो?

राम मंदिर चढ़ावा केस में बड़ा खुलासा, FIR से पहले ही उठा लिया था ये कदम, 5 जून का CCTV फुटेज आया सामने

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