YouTuber Salim Vastik attacked: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित लोनी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां के चर्चित यूट्यूबर और टीवी पैनलिस्ट सलीम वास्तिक पर शुक्रवार सुबह दो नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया. हमलावरों ने उनके अली गार्डन ऑफिस में घुसे और उनके गर्दन और पेट पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
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हमले के बाद लहूलुहान हालत में सलीम वास्तिक को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती करवाया गया. यहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने सलीम को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार सलीम की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है. ताजा अपडेट के अनुसार उनके गले का ऑपरेशन हो चुका है जबकि पेट के घाव का ऑपरेशन आज होना है.
परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप
वही मामले में सलीम वास्तिक के बेटे उस्मान ने पुलिस घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है. पुलिस ने उस्मान की शिकायत पर भाटी बिल्डर, AIMIM नेता अजगर, अशरफ, शाहरुख और सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. परिजनों का आरोप है कि सलीम के विचारों और सोशल मीडिया वीडियो से नाराज होकर इस साजिश को अंजाम दिया. हलांकि, पुलिस ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार करते हुए कहा है कि हमलावर अज्ञात हैं और सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है
पुलिस की कार्रवाई और जांच के पहलू
उधर लोनी के सहायक पुलिस आयुक्त सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंच गई थी. पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं, जिससे की हमलावरों की पहचान की जा सके. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं. एहतियातन इलाके में पुलिस अलर्ट पर है और सोशल मीडिया पर भी पुलिस नजर बनाए हुए है.
कौन हैं सलीम वास्तिक और क्यों हुए विवाद
सलीम वास्तिक सोशल मीडिया पर एक जाना-माना चेहरा हैं. वे अपने यूट्यूब चैनल से मुस्लिम धर्म की कुछ रीतियों और परंपराओं पर खुलकर बालते है. यही वजह है कि अक्सर चर्चा में रहते हैं. साथ ही वे कई टीवी चैनलों पर बतौर पैनलिस्ट भी नजर आते हैं. बता दें कि सलीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को 'एक्स मुस्लिम' बताते हैं. उन्हें सोशल मीडिया पर पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी हैं. उनके बयानों के चलते जहां एक वर्ग उनका विरोध करता है वहीं कुछ हिंदू संगठन उनका समर्थन करते हैं.
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