Ex- Muslim Salim Wastik News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए सलीम वास्तिक को लेकर हर दिन नए और हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं. ताजा अपडेट के अनुसार अब दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की पूछताछ में सामने आया है कि सलीम की जिंदगी पर फिल्म बनाने की तैयारी चल रही थी. इसके लिए उसको लाखों रुपये भी एडवांस दे दिए गए थे. पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह फिल्म की कहानी सिर्फ एक दिखावा थी इसके पीछे कोई और मकसद था. फिलहाल सलीम अब पुलिस की गिरफ्त में है.
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सलीम पर बनने वाली थी, मिला था लाखों का एडवांस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक बॉलीवुड फिल्म निर्माता ने सलीम वास्तिक से उसकी जिंदगी की कहानी को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए संपर्क किया था. इसके लिए सलीम को 15 लाख रुपये का एडवांस भी दे दिया गया था. उस पर फिल्म बनती इससे पहले ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार कर लिया.
क्या है वो मामला जिसमें गिरफ्तार हुआ सलीम वास्तविक?
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला साल 1995 का है. बताया जा रहा है कि उस दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक बिजनेसमैन का 13 साल का बेटा संदीप बंसल स्कूल से लौटते समय गायब हो गया था. इसके अगले दिन परिवार से 30 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई और इसके साथ ही पुलिस को बताने पर बच्चे को जान से मारने की धमकी दी गई. मामला पुलिस तक पहुंचा तो जांच के दौरान स्कूल से जुड़े मार्शल आर्ट्स ट्रेनर सलीम खान पर गया.
पूछताछ में सलीम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. इसमें उसके एक और साथी अनिल का नाम भी सामने आया. इस बीच पुलिस ने बच्चे का शव बरामद कर लिया. इसक बाद साल 1997 में कोर्ट ने सलीम और उसके दोस्त को उम्रकैद की सजा सुनाई. वहीं साल 2000 में सलीम को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली गई. इसके बाद से ही वो फरार हो गया और कभी वापस नहीं लौटा.
फरार होने के बाद सबसे पहले किया ये काम
फरार होने के बाद सलीम ने खुद को मृत घोषित करवा दिया और साथ ही अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली. इसके बाद से हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में छिपकर रहने लगा. उसने अपना नया नाम सलीम वास्तिक रखा लिया और यूट्यूब पर 'सलीम वास्तिक 0007' नाम से चैनल शुरू किया. वो यहां खुद को एक्स मुस्लिम कहते हुए वीडियो बनाता. यहां उसने अपनी नई छवि गढ़ ली थी. हालांकि, उसकी ये चालाकी ज्यादा दिन नहीं चली.
जानें कैसे पकड़ में आया सलीम वास्तविक?
गौरतलब है कि कुछ वक्त पहले गाजियाबाद के लोनी में दो युवकों ने उस पर जानलेवा हमला किया था. इस हमले में सलीम को 14 बार चाकू मारे गए थे, लेकिन वो बच गया. इसके बाद यूपी पुलिस ने उन दोनों हमलावरों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. इस बीच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि सलीम 1995 में हत्या के एक मामले में फरार है. पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और तस्वीरों की जांच की. इस दौरान जांच में उसकी पहचान पूरी तरह कन्फर्म हो गई. इसके बाद गाजियाबाद के लोनी से उसे गिरफ्तार कर लिया.
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