Ram Govind Chaudhary Death News: समाजवादी आंदोलन के मजबूत स्तंभ, बागी बलिया के बड़े नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी अब हमारे बीच नहीं रहे. शुक्रवार रात लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. वह पिछले काफी लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. उनके निधन की खबर से पूरे उत्तर प्रदेश और समाजवादी पार्टी के खेमे में शोक की लहर दौड़ गई है.
ADVERTISEMENT
अखिलेश यादव संग अस्पताल का भावुक वीडियो वायरल
रामगोविंद चौधरी के निधन के बाद सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के साथ उनका एक भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो उस समय का है जब कुछ महीने पहले तबीयत बिगड़ने पर अखिलेश यादव उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे.
अस्पताल के बेड पर लेटे रामगोविंद चौधरी डॉक्टरों और अखिलेश यादव के सामने कहते हैं, "चुनाव जीतना है, अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाना है... आप लोग भी सुन लो." वीडियो में बीमारी के बावजूद उनका पार्टी के लिए जोश नजर आ रहा है. अब सपा कार्यकर्ता और समर्थक इस वीडियो को शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
कौन हैं राम गोविंद चौधरी और कैसे शुरू हुआ उनका राजनीति सफर?
राम गोविंद चौधरी का जन्म बलिया जिले के सिकंदरपुर इलाके के एक गांव में हुआ था. तीन भाइयों में वह सबसे बड़े थे. शुरुआती पढ़ाई गांव और सिकंदरपुर में करने के बाद उन्होंने बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज में BSc में दाखिला लिया. छात्र समस्याओं से जुड़े आंदोलनों में सक्रिय रहने के चलते उन्हें कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया.
इसके बाद उन्होंने श्री मुरली मनोहर टाउन पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में प्रवेश लिया. यहीं से उनकी छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका शुरू हुई. साल 1972 में वह टाउन कॉलेज छात्रसंघ के महामंत्री चुने गए, जबकि 1974 में छात्रसंघ अध्यक्ष बने.
आपातकाल के दौर में वह लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े आंदोलन में सक्रिय रहे. इसी दौरान उन्हें 'छात्र युवा वाहिनी' का सह-संयोजक बनाया गया. आंदोलन के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा. उन्होंने 'संपूर्ण क्रांति' के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण के साथ काम किया और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के करीबी सहयोगियों में रहे.
1977 में पहली बार बने विधायक
राम गोविंद चौधरी 1977 में पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए. इसके बाद वह कुल 8 बार विधायक बने. अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने प्रदेश सरकार में मंत्री से लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तक की जिम्मेदारी संभाली.
वह मुलायम सिंह यादव की सरकार में दो अलग-अलग कार्यकाल में मंत्री रहे. इसके अलावा 2012 से 2017 के बीच अखिलेश यादव सरकार में भी मंत्री पद संभाला. मार्च 2017 से मार्च 2022 तक वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे.
समाजवादी आंदोलन से आखिरी दौर तक जुड़े रहे
राम गोविंद चौधरी लंबे समय तक समाजवादी आंदोलन से जुड़े रहे. वह जयप्रकाश नारायण और चंद्रशेखर की विचारधारा से प्रभावित थे. मुलायम सिंह यादव के साथ समाजवादी पार्टी के शुरुआती दौर में भी उनकी अहम भूमिका रही. बाद में उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व में भी पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी. उनके राजनीतिक जीवन में कमजोर और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे.
अखिलेश यादव समेत नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
रामगोविंद चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं ने दुख व्यक्त किया है. अखिलेश यादव ने कहा कि रामगोविंद जी का निधन पार्टी और व्यक्तिगत रूप से उनके लिए एक अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि रामगोविंद चौधरी आजीवन पिछड़ों, शोषितों और युवाओं के हक के लिए आवाज उठाते रहे.
यह भी पढ़ें: Y से M तक... अखिलेश यादव की नई रणनीति में जासमीर अंसारी की एंट्री क्यों अहम?
ADVERTISEMENT


