उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर होने जा रहे राज्यसभा चुनाव के बीच सूबे की राजनीति में एक नया और दिलचस्प मोड़ आ गया है. समाजवादी पार्टी (सपा) ने राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस खत्म करते हुए दो नामों पर मुहर लगा दी है. पहले नाम के तौर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव का तय माना ही जा रहा था, लेकिन दूसरे नाम ने हर किसी को चौंका दिया है.
ADVERTISEMENT
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने 'सरप्राइज' वाले वादे को पूरा करते हुए युवा उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी को मैदान में उतारा है. बुधवार सुबह 11 बजे अखिलेश यादव की मौजूदगी में दोनों प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.
सोशल मीडिया पर सपा ने दी आधिकारिक जानकारी
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस बात की पुष्टि की है. पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी राज्यसभा चुनाव के लिए सपा के अधिकृत प्रत्याशी हैं. दोनों नेताओं के नामांकन के समय अखिलेश यादव खुद मौजूद रहे.
गौरतलब है कि यूपी में राज्यसभा नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि सपा कोई चौंकाने वाला दांव खेल सकती है. विधायकों की बैठक के बाद जब मीडिया ने अखिलेश यादव से उम्मीदवारों को लेकर सवाल पूछा था, तब उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि "कुछ सरप्राइज के लिए तैयार रहिए." अब धनराज नथवानी के नाम के ऐलान के साथ ही राजनीतिक गलियारों में इस दांव की चर्चा तेज हो गई है.
कौन हैं धनराज परिमल नथवानी?
बिजनेस, स्पोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन और पॉलिटिक्स इन तीनों क्षेत्रों का एक साथ संगम देखना हो तो धनराज परिमल नथवानी की शख्सियत सबसे मुफीद उदाहरण है. उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाकर देश के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. रिलायंस इंडस्ट्रीज में बतौर ग्रुप प्रेसिडेंट अहम जिम्मेदारी संभाल रहे धनराज नथवानी को भारतीय कॉरपोरेट जगत के स्थापित चेहरों में गिना जाता है.
5 फरवरी 1986 को जन्मे धनराज नथवानी का पालन-पोषण परिमल नथवानी और वर्षा नथवानी के घर हुआ. शिक्षा के मोर्चे पर उन्होंने लंदन के प्रतिष्ठित रीजेंट्स बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से कॉर्पोरेट लॉ और पब्लिक रिलेशंस में स्पेशलाइजेशन के साथ एमबीए की डिग्री हासिल की. व्यावसायिक जीवन में वे रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) में 'ग्रुप प्रेसिडेंट' के बड़े पद पर तैनात हैं. देशभर में रिलायंस जियो के नेटवर्क रोल-आउट से लेकर कई मेगा प्रोजेक्ट्स के सफल संचालन में उनकी अहम रणनीति रही है. इसके साथ ही वे रिलायंस न्यू एनर्जी और ग्रुप की कई अन्य सब्सिडियरी कंपनियों के बोर्ड में बतौर डायरेक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में भी धनराज का बड़ा नाम
व्यापार के अलावा स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में भी धनराज का बड़ा नाम है. वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. अहमदाबाद स्थित दुनिया के सबसे बड़े नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण और उसके संचालन में भी उनकी मुख्य भूमिका रही है. क्रिकेट के अलावा वे गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन (GSFA) के अध्यक्ष के रूप में काम करते हुए राज्य में फुटबॉल के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी प्रयास कर चुके हैं.
धनराज नथवानी के पिता परिमल नथवानी एनडीए समर्थित राज्यसभा सांसद और रिलायंस इंडस्ट्रीज में कॉर्पोरेट अफेयर्स के डायरेक्टर हैं. झारखंड से राज्यसभा सांसद के रूप में यह उनका चौथा कार्यकाल है. कॉरपोरेट और राजनीतिक जगत में शीर्ष पर पहुँचने से पहले परिमल नथवानी का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मुंबई में कोल्ड ड्रिंक्स और साबुन की फैक्ट्री से की थी. 1990 के दशक में उन्होंने गुजरात के वडोदरा में लगभग 40 पीसीओ (PCO) भी चलाए. इसी दौरान शेयर बाजार में किस्मत आजमाने पर उन्हें भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा, जिससे वे काफी तनाव से भी गुजरे.
साल 1997 में परिमल नथवानी की मुलाकात रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी से हुई. इसके बाद उन्हें गुजरात के जामनगर में जमीन अधिग्रहण की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई. नथवानी की देखरेख में ही जमीन का अधिग्रहण पूरा हुआ, जहाँ आज दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी स्थापित है. इस बड़ी सफलता के बाद वे धीरूभाई अंबानी के बेहद करीबी बन गए. आगे चलकर मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के व्यावसायिक ऑपरेशन्स में भी परिमल नथवानी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जियो के नेटवर्क विस्तार और कॉर्पोरेट मामलों को संभालने में उनकी गहरी समझ की वजह से वे बीते तीन दशकों से बिजनेस, पॉलिटिक्स और स्पोर्ट्स तीनों क्षेत्रों में एक बड़ा नाम बने हुए हैं.
ये भी पढ़ें: वोटर आईडी बनवाना हुआ आसान: चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 से हटाया अतिरिक्त घोषणा पत्र, युवाओं को मिलेगी बड़ी राहत
ADVERTISEMENT


