'मौनी अमावस्या के बाद शिविर में नहीं गया, सीसीटीवी की जद में रहा...आरोप लगाने वाले बच्चे मेरे शिष्य नहीं', शंकराचार्य का बड़ा दावा

Shankaracharya statement latest: प्रयागराज कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है. उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मौनी अमावस्या के बाद वह शिविर में नहीं गए और हर समय सीसीटीवी व मीडिया की निगरानी में रहे. जानें पूरा मामला, शंकराचार्य का बयान और पुलिस कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट.

Shankaracharya Avimukteshwaranand Controversy Latest Update
Shankaracharya Avimukteshwaranand Controversy Latest Update

रोशन जायसवाल

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण का आरोप लगने और कोर्ट द्वारा FIR दर्ज कराने के आदेश के बाद प्रयागराज पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है. सोमवार को पुलिस वाराणसी पहुंची और वहीं से आगे की कार्रवाई करेगी. वहीं इस मामले में अब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने साफ कहा है कि वह कहीं नहीं भाग रहे है और पुलिस को जांच करने में बड़ा सहयोग करेंगे. साथ ही उन्होंने भाजपा और योगी सरकार पर जमकर हमला भी बोला है. आइए विस्तार से जानते हैं मामले की पूरी कहानी.

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गैर भाजपा शासित पुलिस से जांच की मांग

शंकराचार्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए साफ कहा है कि उन्होंने भाजपा शासित पुलिस(यूपी पुलिस) पर भरोसा नहीं है. उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच गैर भाजपा शासित पुलिस करें और पूरी गुत्थी को सुलझाए. हालांकि जांच के लिए जो भी पुलिस आएगी वो(शंकराचार्य) उसका सहयोग करेंगे, लेकिन यह कार्रवाई पूरी तरह से उन्हें अपमानित करने का बताया है. शंकराचार्य ने कड़े शब्दों में कहा कि सनातन धर्म को नष्ट करने के लिए कुछ लोग चोला पहन कर चले आए है और यह लोग शंकराचार्य को अपने वश में करना चाहते है.

'... सबका पर्दाफाश होगा'

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सनानत परंपरा को आधार बनाते हुए कहा कि कालनेमी, राहू और रावण तीन तरह के छद्म वेशी हमेशा से रहे हैं और सबका पर्दाफाश होगा. उन्होंने गिरफ्तारी की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि अभी गिरफ्तारी की कोई स्थिति तो नहीं है, लेकिन फिर भी गिरफ्तारी होती है तो ये कालनेमी की शंकराचार्य को अपमानित करने वाला प्रयास होगा. शंकराचार्य ने आरोप लगाया है कि हमने गऊ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी और इसी को दबाने के लिए सरकार का यह कु्त्सित प्रयास है.

सीसीटीवी का दिया हवाला

खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शंकराचार्य ने साफ कहा है कि, मौनी अमवस्या की घटना के बाद से हम शिविर में प्रवेश किए ही नहीं, सीसीटीवी के जद में रहें और मीडिया के कैमरे में रहे है. और जो आरोप लगाने वाले बच्चे ना तो हमारे विद्यार्थी रहे ना ही शिविर में रहे तो ये बच्चे कौन हैं? उन्होंने साफ तौर पर इसे शंकराचार्य संस्था का अपमान बताया है.

इसके अलावा जो सीडी की बात हो रही है उसपर उन्होंने कहा कि यह सीडी बनाई किसने? क्या जो बटुक बच्चे थे उन्होंने सीडी बनाई या फिर किसी ने बाहर से इस सीडी को बनाया? उन्होंने इस मामले को षड्यंत्र बताया और सच जल्द ही सामने आएगी इस बात को भी दोहराया.

जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर केस दर्ज होने के बाद डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 सदस्यीस स्पेशल टीम बनाई है. मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस वाराणसी पहुंच चुकी है और पीड़ितों की तलाश कर रही है, ताकि उनका मेडिकल और अन्य सबूत जुटाए जा सकें. दूसरी ओर शंकराचार्य ने साफ भी कर दिया है कि उनकी मठ का दरवाजा पुलिस के खुला हुआ है और वह जांच में सहयोग करेंगे.

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