Shankaracharya Avimukteshwaranand interview: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं. इलाहाबाद की एडीजे पॉक्सो और रेप कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश के बाद, उन्होंनेइंडिया टुडे को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपनी चुप्पी तोड़ी है. शंकराचार्य ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सरकार और उनके विरोधियों की एक "बनावटी कहानी" करार दिया है.
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"चिंता तब होती जब हम वैसे होते"
गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा "आरोप लगाना एक अलग बात है और उसे सिद्ध करना अलग. हमें चिंता तब करनी चाहिए थी जब हम वैसे (दोषी) होते. जब हम वैसे हैं ही नहीं, तो हमें किसी बात का डर नहीं है." उन्होंने दावा किया कि शिकायतकर्ता ने न्यायालय में दो अलग-अलग शपथ पत्र दिए हैं, जिनमें कहानियां अलग हैं. उनके अनुसार, यह विरोधाभास ही साबित करता है कि मामला झूठा है.
गौ रक्षा आंदोलन को दबाने की साजिश?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पूरी कानूनी कार्रवाई को उनकी आगामी 'गौ रक्षा यात्रा' से जोड़ा. उन्होंने कहा कि 11 मार्च को लखनऊ में होने वाली गौ माता की रक्षा के लिए उनकी यात्रा को रोकने के लिए यह सब किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग उनके खिलाफ खड़े हैं, उन्हें गौ रक्षा की आवाज बंद करनी है.
शिकायतकर्ता पर गंभीर आरोप
इंटरव्यू के दौरान शंकराचार्य ने शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज पर भी हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि आशुतोष एक "हिस्ट्रीशीटर" है और शामली जिले के कांदला थाने में उसका नाम दर्ज है. उन्होंने स्वामी रामभद्राचार्य पर भी तंज कसते हुए कहा कि ऐसे हिस्ट्रीशीटर को अपना चेला बनाकर उनके विरुद्ध बनावटी केस करवाए जा रहे हैं.
योगी सरकार और पुलिस पर अविश्वास
शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल उठाया. उन्होंने कहा, "पुलिस तो उन्हीं की है, यूपी सरकार की है, तो वह क्या रिपोर्ट देगी?" उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि जब सूबे का मुखिया ही किसी घटना को पहले ही 'AI जनरेटेड' बता देता है तो पुलिस की हिम्मत नहीं होती कि वह निष्पक्ष जांच करे.
उन्होंने कहा, "हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे, हम न्यायालय की प्रक्रिया का सामना करेंगे. हम आदित्यनाथ नहीं हैं कि हमारे ऊपर लगे केस हटवा लो, हम अभिमुक्तेश्वरानंद हैं जो हर प्रश्न का उत्तर देते हैं और आरोपों का सामना करते हैं."
क्या है पूरा मामला?
शाकंभरी पीठ के महंत आशुतोष महाराज की शिकायत पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है. आरोप है कि विद्यामठ में बटुकों (छात्रों) के साथ अनैतिक कृत्य हुए हैं. हालांकि, शंकराचार्य का कहना है कि यह सब उन्हें बदनाम करने और उनके धर्म युद्ध को कमजोर करने की कोशिश है. वह माघ मेले के दौरान हुई घटनाओं और गौ रक्षा के संकल्प पर अडिग रहने की बात कह रहे हैं.
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