'हवा को कोई नहीं बांध सकता', प्रशासन की पाबंदियों पर भड़के शंकराचार्य, अखिलेश ने भी साधा बीजेपी पर निशाना

Swami Avimukteshwaranand Yatra: लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध यात्रा के समापन कार्यक्रम पर प्रशासन द्वारा लगाई गई 26 शर्तों को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है. शंकराचार्य ने इन पाबंदियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 'हवा को कोई नहीं बांध सकता', जबकि अखिलेश यादव ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए सनातन के अपमान का आरोप लगाया.

Swami Avimukteshwaranand Yatra
Swami Avimukteshwaranand Yatra Updates

गौरव कुमार पांडेय

follow google news

शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद की चर्चित गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध यात्रा का आज लखनऊ में समापन हो रहा है. गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर चल रही इस यात्रा के समापन कार्यक्रम को लेकर लखनऊ प्रशासन ने मंजूरी तो दे दी है, लेकिन इसके साथ 26 ऐसी शर्तें लगा दी हैं, जिसने प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है. वहीं इसी बीच अखिलेश यादव ने भी बीजेपी पर तंज कसा है. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.

Read more!

अखिलेश यादव का तीखा हमला

समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने प्रशासन की इन शर्तों को लेकर योगी सरकार और बीजेपी पर कड़ा प्रहार किया है. अखिलेश ने सोशल मीडिया के जरिए तंज कसते हुए कहा कि, 'बीजेपी वाले सनातन का सम्मान नहीं कर सकते तो कम से कम अपमान भी न करें.' उन्होंने विशेष रूप से प्रशासन द्वारा कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन करने की शर्त पर सवाल उठाए और पूछा कि 'क्या कोविड अभी भी चल रहा है? अगर हां, तो बीजेपी की बैठकों में इसका पालन क्यों नहीं होता?' अखिलेश ने इसे 'कमजोर सत्ता की पहचान' और 'विनाशकाली विपरीत बुद्धि' करार दिया.

शंकराचार्य का जवाब: 'दैत्यों का तरीका है शर्तें लगाना'

प्रशासन की 26 शर्तों पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शर्तें लगाना दैत्यों और दानवों का पुराना तरीका रहा है. उन्होंने हिरण्यकश्यप का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे वह तमाम शर्तें लगाकर भी नहीं बच सका, वैसे ही जवाबदेही से कोई नहीं बच सकता. उन्होंने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 'हवा को कोई बांध नहीं सका है, और आपके खिलाफ अब हवा शुरू हो गई है.' शंकराचार्य ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हमने गौ माता की रक्षा के लिए वोट दिया था, लेकिन सरकार उन्हें राष्ट्र माता कहने को तैयार नहीं है.

क्या हैं प्रशासन की प्रमुख शर्तें?

लखनऊ प्रशासन द्वारा जारी अनुमति पत्र में जो 26 शर्तें रखी गई हैं, उनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं:

  • किसी भी वक्ता द्वारा धर्म, जाति या भाषा के खिलाफ कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया जाएगा.
     
  • नाबालिग बच्चों से कोई विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे.
     
  • कार्यक्रम में तैनात पुलिस बल का खर्च आयोजकों को उठाना होगा.
     
  • शांति क्षेत्र में संगीत, ढोल या लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा.
     
  • कोविड-19 की गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करना होगा.
     
  • किसी भी प्रकार के जुलूस या शोभा यात्रा की अनुमति नहीं होगी.

इन शर्तों और पाबंदियों के बीच आज लखनऊ में होने वाला यह कार्यक्रम काफी चर्चा में है और विपक्षी दल इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं.

यहां देखें वीडियो

यह खबर भी पढ़ें: '10 लाख कहो या 25 लाख, जितनी भीड़ कहोगे खड़ी कर देंगे', गौ रक्षा यात्रा के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सरकार को खुली चुनौती

    follow google news