Swatantra Bhardwaj Delhi Police Action: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 14 साल की नाबालिग बच्ची के पिता का सिर फोड़ने और फिर सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट में खुलकर शेखी बघारने वाले आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. आराेपी को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है. उसके साथ पवन नाम के एक अन्य युवक सहित कुल दो लोगों को पुलिस अपने साथ ले गई है.
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कैसे पकड़ा गया आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज?
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर के चोला थाना क्षेत्र के धमेड़ा नारा गांव में छापेमारी कर स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथी पवन को दबोचा. हालांकि, स्थानीय बुलंदशहर पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस की टीम ने स्थानीय थाने में कोई औपचारिक आमद (एंट्री) नहीं कराई थी.
पॉडकास्ट में बेफिक्र होकर कहा था- "हमारा जलवा है"
इस पूरी कार्रवाई की मुख्य वजह एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप बनी. इस क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज खुलकर अपना अपराध स्वीकार करता नजर आ रहा था. वह कह रहा था, "हम यह खुद कह रहे हैं, डंके की चोट पर कह रहे हैं कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा. अगर मेरा बाल भी बांका कर दो तो मान जाएं... नहीं हो सकता सर, जलवा है हमारा." वह बेफिक्री से कह रहा था, "जेल जाएंगे, फिर आएंगे, फिर कुछ बोलेगा तो फिर इलाज हो जाएगा."
चंद्रशेखर आजाद के प्रदर्शन के बाद हरकत में आई पुलिस
4 सितंबर को जंतर-मंतर घटना के विरोध में चंद्रशेखर आजाद, कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने पर जोरदार प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारियों ने आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त धाराएं जोड़ने की मांग उठाई थी. पुलिस ने 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिया था और इसके कुछ ही घंटों बाद स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया गया.
POCSO और SC/ST एक्ट में केस दर्ज
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पुरानी एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं:
- पीड़ित पिता की शिकायत पर एफआईआर में SC/ST एक्ट की धाराएं शामिल की गई हैं.
- नाबालिग पीड़िता द्वारा सोशल मीडिया पर मिल रही ऑनलाइन धमकियों की शिकायत के बाद पुलिस ने क्रिमिनल इंटिमिडेशन और POCSO (पॉक्सो) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
क्या थी 23 जून की घटना?
यह घटना 23 जून 2026 की है, जब जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन चल रहा था. शिकायतकर्ता अपनी 14 साल की बेटी के साथ वहां मौजूद थे. शाम के वक्त वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने बच्ची के पिता के साथ बुरी तरह मारपीट की और उनका सिर फोड़ दिया था. इस पूरी कार्रवाई के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने चंद्रशेखर आजाद, राहुल गांधी और समर्थकों का आभार व्यक्त किया है.
इनपुट: अरविंद ओझा
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