फरसा वाले बाबा एक्सीडेंट मामले में ट्रक ड्राइवर की भी हुई मौत, अब प्रशासन लेगा बाबा के गौशाला की जिम्मेदारी?

Farsa Wale Baba accident Case: मथुरा में गौ रक्षक 'फरसा वाले बाबा' की सड़क हादसे में मौत के बाद भारी बवाल हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने उनकी गौशाला की जिम्मेदारी संभालने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा दिया है. पुलिस ने मौत का कारण कोहरा और दुर्घटना बताया है, जबकि समर्थकों के हंगामे को देखते हुए दोषियों पर कार्रवाई और गौवंश की सुरक्षा के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं.

Farsa wale baba
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हिमांशु मिश्रा

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उत्तर प्रदेश के मथुरा में 'फरसा वाले बाबा' के नाम से मशहूर प्रसिद्ध संत और गौ रक्षक चंद्रशेखर बाबा की एक सड़क हादसे में मौत के बाद इलाके में जबरदस्त तनाव का माहौल है. इस घटना के बाद बाबा के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस पर पथराव भी किया. ताजा जानकारी के मुताबिक, हादसे में शामिल ट्रक के ड्राइवर की भी मौत हो गई है.

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क्या है पूरा मामला?

घटना मथुरा के थाना कोसीकलां इलाके के कोटवन बॉर्डर की है. मथुरा के डीएम चंद्र प्रकाश के अनुसार, रात करीब 4 बजे घने कोहरे के कारण बाबा चंद्रशेखर की गाड़ी एक ट्रक से टकरा गई, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई. हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस ट्रक से टक्कर हुई, उसके ड्राइवर की भी जान चली गई है.

बाबा चंद्रशेखर इस क्षेत्र में अपनी गौ सेवा के लिए अत्यंत लोकप्रिय थे और उन्हें 'फरसा वाले बाबा' के नाम से जाना जाता था. उनकी मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में गौ रक्षक और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और नेशनल हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया.

साजिश या हादसा?

बाबा के समर्थकों का आरोप है कि यह महज हादसा नहीं बल्कि गौ तस्करों द्वारा की गई हत्या है. हालांकि, प्रशासन ने इन दावों को अफवाह करार दिया है. डीएम ने स्पष्ट किया कि जिस कंटेनर की जांच की बात कही जा रही थी, उसमें परचून का सामान (साबुन, फिनाइल आदि) मिला है. पुलिस ने साफ किया कि शुरुआती जांच में यह घने कोहरे के कारण हुआ सड़क हादसा ही नजर आ रहा है.

प्रशासन का बड़ा फैसला

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:

  • गौशाला की जिम्मेदारी: बाबा जी की अनुपस्थिति में उनकी निजी गौशाला में रह रहे गौवंश की सुरक्षा और देखरेख का जिम्मा अब सरकार उठाएगी. खंड विकास अधिकारी (BDO) को इसकी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं.
  • स्मारक और सम्मान: स्थानीय लोगों की भावनाओं को देखते हुए बाबा का स्मारक बनवाने और उन्हें उचित सम्मान देने की मांग पर विचार किया जा रहा है.
  • हथियार लाइसेंस: बॉर्डर वाले संवेदनशील इलाकों में पात्र गौ सेवकों को नियम के तहत लाइसेंस देने पर भी विचार करने का आश्वासन दिया गया है.

उपद्रवियों पर होगी कार्रवाई

हाइवे पर हुए बवाल और पुलिस पर हुए पथराव को लेकर प्रशासन सख्त है. डीएम ने कहा कि पूरी घटना की वीडियोग्राफी कराई गई है और उपद्रव करने वालों की पहचान की जा रही है. किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

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