कौन हैं बबिता, जिनपर टाइगर श्रॉफ पर हमले मामले में हथियार सप्लाई का है आरोप? लॉरेंस गैंग से कनेक्शन की जांच जारी

राजीव कुमार

21 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 21 2026 2:12 PM)

Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में आजमगढ़ की 23 वर्षीय बबीता को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों का आरोप है कि बबीता ने फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियारों को मुंबई पहुंचाने में भूमिका निभाई. कथित लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई की कड़ियों की भी जांच हो रही है.

Tiger Shroff Firing Case Latest Update
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बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में आजमगढ़ की 23 वर्षीय बबीता का नाम सामने आया है. बबीता जिले के तहबरपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई गई है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे इस मामले में गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, बबीता पर फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार को मुंबई पहुंचाने और कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क की मदद करने का आरोप है. आजमगढ़ के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बबीता के जिले से संबंध की पुष्टि की है. फिलहाल, मामले में पुलिस की जांच जारी है और बबीता की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है.

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कौन हैं बबीता?

बबीता उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की रहने वाली 23 वर्षीय महिला है. प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में उसका गांव कोठियार बताया गया है, जबकि एसएसपी आजमगढ़ से हुई बातचीत के मुताबिक उसका संबंध तहबरपुर थाना क्षेत्र से है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के समय वह राधा नाम की दूसरी महिला के साथ मुंबई से दिल्ली लौट रही थी.

क्या है आरोप?

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में हथियारों की आपूर्ति के लिए एक नेटवर्क काम कर रहा था. आरोप है कि अमृतसर से पिस्टल और कारतूस जुटाए गए और फिर उन्हें ट्रेन के जरिए मुंबई पहुंचाया गया. पुलिस का दावा है कि इस काम में बबीता और राधा की भूमिका हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की थी. हालांकि, आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है.

गैंग से कनेक्शन की जांच

मामले में अनिल पंडित नाम के व्यक्ति का भी जिक्र सामने आया है. जांच एजेंसियां उसके संपर्कों और कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के बीच संपर्क के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप का इस्तेमाल किया गया था. जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि हथियार किसके निर्देश पर पहुंचाए गए और फायरिंग करने वाले लोगों तक उनकी आपूर्ति कैसे हुई.

आजमगढ़ पुलिस की नजर

बबीता का नाम सामने आने के बाद इस मामले का स्थानीय कनेक्शन भी जांच के दायरे में है. आजमगढ़ के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने पुष्टि की है कि बबीता जिले के तहबरपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है. एसएसपी के मुताबिक, इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जानी है. फिलहाल, यह स्पष्ट होना बाकी है कि जिले में उसके संपर्कों या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका को लेकर जांच में क्या सामने आता है.

मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में अब जांच की कड़ियां आजमगढ़ तक पहुंची हैं. 23 वर्षीय बबीता की गिरफ्तारी और हथियार पहुंचाने के आरोप ने मामले को नया मोड़ दिया है. अब पुलिस की जांच और आधिकारिक खुलासे से ही स्पष्ट होगा कि इस नेटवर्क में बबीता की भूमिका क्या थी और आजमगढ़ से जुड़े अन्य संपर्कों के बारे में क्या जानकारी सामने आती है.

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