पाकिस्तान से फंडिंग, भारत में साजिश…मेरठ का साकिब तीन संदिग्धों के साथ मिलकर रच रहा था बड़ी साजिश, अब ATS ने किया गिरफ्तार

UP News: उत्तर प्रदेश ATS ने बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिन पर ISI के लिए काम करने का आरोप है. ये सभी लखनऊ समेत कई शहरों में तबाही की योजना बनाई जा रही थी. शुरुआती जांच में पाकिस्तान कनेक्शन और सोशल मीडिया के जरिए नेटवर्क चलने का खुलासा हुआ है.

UP ATS ने 4 संदिग्धों को किया गिरफ्तार
UP ATS ने 4 संदिग्धों को किया गिरफ्तार

न्यूज तक

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UP ATS Action: उत्तर प्रदेश ATS ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. दरअसल, पुलिस ने ISI के लिए काम करने के आरोप में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये सभी लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास बड़ी तबाही मचाने की योजना बना रहे थे. इनका मकसद सिग्नल सिस्टम को ठप कर ट्रेन हादसे करवाना और शहर में अफरा-तफरी फैलाना था.

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शुरुआती जांच में सामने आया है कि साकिब नाम का आरोपी पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर के संपर्क में था. बताया जा रहा है कि इन लोगों ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के लिए उत्तर प्रदेश के कई शहरों में रेकी की थी. यहां की फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजी गई थीं.

मेरठ का साकिब उर्फ डेविल था मास्टरमाइंड

बताया जा रहा कि गिरफ्तार किया गया साकिब उर्फ डेविल नामक एक आरोपी इनका मास्टरमाइंड था. साकिब मेरठ का रहने वाला है. शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि साकिब सीधे पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर के संपर्क में था. उसे यहां से फंडिंग मिल रही थी जिसे वो तीन अन्य सदस्यों यानी कि लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू, विकाश गहलावत उर्फ रौनक और अरबाब तक पहुंचा रहा था.

इन जगहों को निशाने बनने की थी योजना

पकड़े गए संदिग्ध लखनऊ के अलावा गाजियाबाद और मेरठ के कई महत्वपूर्ण ठिकानों और गाड़ियों के शोरूम की रेकी की थी. आरोपियों ने इन जगहों के वीडियो और फोटो पाकिस्तान भेजे थे. बताया जा कि इनका इरादा गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों और गाड़ियों के शोरूम में आगजनी कर बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाने का था.

वीडियो बनाकर भेजे जा रहे थे पाकिस्तान

जानकारी के अनुसार, सभी आरोपी इस साजिश को अंजाम देने के लिए मॉर्डन टेक्निक को इस्तेमाल कर रहे थे. इसके लिए पाकिस्तान में बैठा इनका आका यानी की हैंडलर पहले गूगल लोकेशन की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर साकिब को भेजता था. इसके बाद साकिब इन ठिकानों पर जाकर यहां की फोटो और वीडियो बनाकर उसे वापस भेजता था. पाकिस्तानी हैंडलर इन युवाओं को ओसामा बिन लादेन और गजवा-ए-हिंद के नाम पर उकसा रहा था.

सोशल मीडिया के जरिए आए थे संपर्क में

पता चला है कि गैंग के ये सभी सदस्य सोशल मीडियो के जरिए एक दूसरे से जुड़े थे. इन में सबसे पहले साकिब आपने सोशल मीडिया अकाउंट पर हथियारों के साथ वीडियो और फोटा पोस्ट करता था. दावा है कि इन्हीं को देखकर लोकेश उर्फ पपला और विकास उर्फ रौनक उसके संपर्क में आए थे. इसके अलावा साकिब के साथ अरबाब नाम का आरोपी भी पाकिस्तानी हैंडलर के साथ सीधे बातचीत कर रहा था और जासूसी में शामिल था.

ATS कर रही मामले की जांच

अब यूपी एटीएस ने इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और इनसे पूछताछ की तैयारी है. एटीएस ने अदालत से इन आरोपियों की एक हफ्ते की रिमांड मांगी है. आज एनआईए और एटीएस की स्पेशल कोर्ट में रिमांड अर्जी पर सुनवाई होगी जिसके बाद कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

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