बीजेपी की बड़ी तैयारी, 2027 से पहले बदलेगा उत्तरप्रदेश का पूरा समीकरण, नए चेहरों को मिल सकता है मौका

UP Elections 2027: यूपी में 2027 के चुनाव जीतने के लिए बीजेपी सरकार और संगठन में बड़े बदलाव करने जा रही है. दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ मंथन के बाद योगी कैबिनेट के विस्तार की चर्चा तेज है. परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ मंत्रियों की छुट्टी होगी और नए चेहरों के जरिए जातीय समीकरण साधे जाएंगे.

UP Cabinet Expansion
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कुमार अभिषेक

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UP Cabinet Expansion List: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है. 2027 के विधानसभा चुनावों में जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अब सरकार और संगठन को पूरी तरह नया कलेवर देने जा रही है. गुरुवार को दिल्ली में यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई मैराथन बैठक के बाद इस बात की चर्चा है.

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कैबिनेट में दिखेंगे नए चेहरे, कुछ की होगी विदाई

सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट का विस्तार अब किसी भी वक्त हो सकता है. वर्तमान में कैबिनेट में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम संख्या 60 हो सकती है. यानी 6 पद सीधे तौर पर खाली हैं. हालांकि, खबर यह है कि करीब एक दर्जन मंत्रियों के पोर्टफोलियो में बदलाव या उनकी छुट्टी की जा सकती है. पिछले चार सालों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर लिया गया है, जिसके आधार पर ही मंत्रियों का भविष्य तय होगा.

योगी की पसंद और जातीय समीकरण पर जोर

इस बार के विस्तार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पसंद का खास ख्याल रखा जाएगा. पार्टी का उद्देश्य उन चेहरों को आगे लाना है जो जनता के बीच लोकप्रिय हैं और संगठन के लिए समर्पित रहे हैं. इसके साथ ही, 2024 के लोकसभा चुनाव में बिगड़े जातीय समीकरणों को दुरुस्त करने के लिए ब्राह्मणों और पिछड़ों को सत्ता में बड़ी भागीदारी देने की योजना है.

क्षेत्रीय संतुलन बनाने का दांव

चर्चा है कि इस फेरबदल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अधिक तवज्जो मिल सकती है. क्योंकि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) से आते हैं, इसलिए क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए पश्चिम और मध्य यूपी के नेताओं को कैबिनेट में प्रमुख स्थान दिया जा सकता है. इसके अलावा, राज्यमंत्रियों को प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार दिए जाने की भी संभावना है.

मंथन का दौर पूरा

बीजेपी पिछले एक महीने से इस कवायद में जुटी है. संघ प्रमुख मोहन भागवत से लेकर केंद्रीय चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े तक लखनऊ का दौरा कर फीडबैक ले चुके हैं. निगमों, आयोगों और बोर्डों में कार्यकर्ताओं के समायोजन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. अब सबकी नजरें राजभवन पर टिकी हैं कि कब नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण की तारीख सामने आती है.

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