यूपी मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा… जानिए किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी, सामने आई पूरी लिस्ट

Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में नए मंत्रियों के विभागों को लेकर चल रहा लंबा सस्पेंस अब पूरी तरह से खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी कयासों पर विराम लगाते हुए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है, जिसमें मुख्यमंत्री का पूरा इक़बाल और दबदबा साफ दिखाई दे रहा है.

योगी कैबिनेट विस्तार के बाद अब विभागों का बंटवारा
योगी कैबिनेट विस्तार के बाद अब विभागों का बंटवारा

कुमार अभिषेक

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 UP Ministers Portfolio List: उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से नए मंत्रियों के विभागों को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है. इसमें एक बार फिर से सीएम योगी का दबदबा देखने को मिला. दरअसल, राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि मुख्यमंत्री के अपने कुछ विभागों में से नए मंत्रियों में देंगे. लेकिन इन सभी चर्चाओं पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है.ऐसे में चलिए विस्तार से जानते हैं किस मंत्री को कौन सा विभाग मिला है. 

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इस मंत्रिमंडल विस्तार के बाद चर्चा थी कि जाट चेहरे भूपेंद्र चौधरी को गृह विभाग के बाद सबसे भारी माने जाने वाले पीडब्ल्यूडी विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है. लेकिन उन्हें सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग यानी एमएसएमई विभाग से ही संतोष करना पड़ा है. हालांकि जनता से सीधे जुड़े होने की वजह से एमएसएमई भी बेहद महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है, क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री रोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार योजना, यूपीएसआईसी और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना जैसी अनेक बड़ी योजनाएं शामिल हैं, जिन पर सीधे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की नजर होती है.

ब्राह्मण चेहरे मनोज पांडे का बढ़ा कद 

वहीं समाजवादी पार्टी से आए मनोज पांडे को सबसे बड़े विभागों में से एक खाद्य रसद और नागरिक आपूर्ति जैसा भारी भरकम विभाग सौंप दिया गया है, जो सीधे जनता के हितों से जुड़ता है.ब्राह्मण चेहरे के तौर पर मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मनोज पांडे का कद इस विभाग बंटवारे के बाद काफी बढ़ गया है. वैसे भी भारतीय जनता पार्टी राज्य में ब्राह्मणों की नाराजगी को कम करने की कोशिश में जुटी थी. मनोज पांडे को मिला खाद्य रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग पहले बनारस से आने वाले दयाशंकर मिश्र दयालु के पास था, लेकिन अब उनसे यह विभाग लेकर मनोज पांडे को दे दिया गया है.

कई मंत्रियों के कतरे गए पर

ऐसे में अब दयालु मिश्र के पास सिर्फ आयुष विभाग ही बचा है. इसी तरह एमएसएमई विभाग पहले मंत्री राजीव सचान के पास हुआ करता था, लेकिन अब उनके पास सिर्फ खादी एवं रेशम उद्योग विभाग ही बच गया है. मंत्रियों को विभाग बांटे जाने से साफ है कि बड़े विभागों को मुख्यमंत्री से लेने की बात हवा हवाई साबित हुई. इस दौरान उल्टे कई मंत्रियों के विभाग कतर दिए गए. इनमें राजीव सचान और दयालु मिश्र के महत्वपूर्ण विभाग भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडे के बीच बांट दिए गए.

बीजेपी के जाट चेहरे भूपेंद्र चौधरी को एमएसएमई विभाग मिलने के बाद अब आरएलडी के साथ गठबंधन के बीच जाट सियासत को लेकर एक नई लकीर खींच दी गई है. वहीं गुर्जर चेहरे सोमेंद्र तोमर को राज्य मंत्री से स्वतंत्र प्रभार मंत्री तो बना दिया गया, लेकिन राज्य मंत्री रहते हुए उनके पास ऊर्जा जैसा महत्वपूर्ण विभाग था जो अब उनसे ले लिया गया है. स्वतंत्र प्रभार मिलने के बाद सोमेंद्र तोमर को राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग दिया गया है. इनके अलावा कृष्णा पासवान को पशुधन और दुग्ध विकास, कैलाश राजपूत को ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, सुरेंद्र दिलेर को राजस्व और हंसराज विश्वकर्मा को सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग में जिम्मेदारी दी गई है. 

10 मई को हुआ था कैबिनेट विस्तार

बात दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन विभागों के बंटवारे का फैसला करने में हफ्ते भर से ज्यादा का वक्त लिया था. बीते 10 मई को दो कैबिनेट मंत्री, दो स्वतंत्र प्रभार और चार राज्य मंत्रियों ने पद की शपथ ली थी, जिसके बाद 17 मई को उनके विभागों का ऐलान किया गया. विभाग बंटवारे से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से हुई मुलाकात बेहद चर्चा में रही थी. इस मुलाकात के बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि मंत्रिमंडल के चेहरों की तरह विभागों का फैसला भी दिल्ली से ही हुआ है, लेकिन जब विभागों की अंतिम सूची सामने आई तो यह साफ हो गया कि विभागों के बंटवारे में पूरी तरह से मुख्यमंत्री की ही मर्जी चली है.

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