उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा ऐलान किया है. इसके तहत अब प्रदेश में वकील, डॉक्टर, टीचर और पत्रकारों को आवासीय योजन के जरिए हाईराइज बिल्डिंग में फ्लैट दिए जाएंगे. सीएम ने कहा कि इस योजना को हर जिले में लागू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि जिन माफियाओं ने सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रखा था, उन्हें अब मुक्त कराकर उपयोग में लाया जाएगा. वहीं जहां पर ऐसी जमीन बची हुई है उसे भी खाली करवाकर इस्तेमाल किया जाएगा.
जानें किस जमीनों पर मिलेगा फ्लैट
मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी जमीनों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे थे. सरकार ने अब इन जमीनों को मुक्त करा लिया है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जो जमीनें अब भी कब्जे में हैं, उन्हें प्राथमिकता पर खाली कराया जाए. इन जमीनों पर अब हाईराइज यानी बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी, जिससे कम जगह में अधिक से अधिक लोगों को घर उपलब्ध कराए जा सकें. जरूरत पड़ने पर माफियाओं की जब्त संपत्तियों का इस्तेमाल भी इसी नेक काम के लिए होगा.
मध्यम वर्ग पर भी सरकार का फोकस
अब तक सरकारी आवास योजनाएं मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) तक सीमित थीं, लेकिन अब सरकार ने इसका दायरा बढ़ा दिया है. मुख्यमंत्री ने पीएम आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत 90 हजार लाभार्थियों को 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में भेजी है. इस कदम का उद्देश्य बिचौलियों को खत्म करना और पूरी पारदर्शिता के साथ हकदारों तक पैसा पहुंचाना है.
छीना हुआ हक वापस दिलाना ही सामाजिक न्याय
सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने सालों तक गरीबों का हक मारकर जमीनों पर कब्जा किया, अब वो संसाधन समाज को वापस लौटाए जा रहे हैं. उन्होंने इसे केवल एक योजना नहीं बल्कि सामाजिक न्याय की प्रक्रिया बताया. प्रदेश में अब तक लगभग 62 लाख परिवारों को आवास दिए जा चुके हैं. सीएम के अनुसार, अपना घर होना केवल एक जरूरत नहीं बल्कि व्यक्ति की सुरक्षा और सम्मान का विषय है.
25 करोड़ की जनता ही सीएम का परिवार
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले योजनाएं तो थीं, लेकिन उनका लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता था. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार "25 करोड़ प्रदेशवासी ही परिवार हैं" की भावना के साथ काम कर रही है. बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही शासन की प्राथमिकता है, और जब नजरिया व्यापक होता है तभी विकास जमीन पर दिखाई देता है.
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