उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं तो वहीं जनता का मिजाज क्या है, इसे समझने के लिए सर्वे के आंकड़े भी सामने आने लगे हैं. 'वोट वाइब' (Vote Vibe) के ताजा सर्वे में यूपी के भावी सियासी समीकरणों को लेकर बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली तस्वीरें साफ हुई हैं.
ADVERTISEMENT
सर्वे में एनडीए (NDA) और इंडिया (INDIA) गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है, वहीं मुख्यमंत्री पद की पसंद को लेकर भी जनता ने अपनी राय जाहिर की है.
एनडीए और इंडिया गठबंधन के वोट शेयर में महज 3% की टक्कर
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर जनता के रुझान को लेकर किए गए 'वोट वाइब' सर्वे के अनुसार:
- एनडीए (NDA): बीजेपी, आरएलडी और अन्य सहयोगी दलों के गठबंधन को 42% वोट शेयर मिलने का अनुमान जताया गया है.
- इंडिया (INDIA) गठबंधन: सपा और कांग्रेस के संभावित गठबंधन को 39% वोट शेयर मिलता दिख रहा है.
दोनों बड़े गठबंधनों के बीच केवल 3 फीसदी का अंतर है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि 3% का यह मार्जिन चुनाव आते-आते किसी भी तरफ झुक सकता है, जिससे यूपी का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है.
सीएम रेस में योगी आदित्यनाथ की बादशाहत बरकरार
सर्वे में जब जनता से पूछा गया कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में उनकी पहली पसंद कौन है, तो नतीजे बीजेपी के लिए राहत देने वाले रहे:
- योगी आदित्यनाथ: 43% जनता ने मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी पहली पसंद बताया.
- अखिलेश यादव: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को 35% लोगों का समर्थन मिला.
पसंद के इस आंकड़े में योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव से 8 फीसदी (13% मार्जिन) आगे चल रहे हैं. इससे साफ है कि लोकप्रियता के मामले में फिलहाल सीएम योगी आदित्यनाथ ही प्रदेश में नंबर वन बने हुए हैं.
लोकसभा सर्वे (MOTN) से अलग दिखा विधानसभा का मिजाज
इससे पहले आए 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) सर्वे में लोकसभा सीटों के संदर्भ में इंडिया गठबंधन को लगातार बढ़त मिलती दिख रही थी. हालांकि, विधानसभा चुनाव के ताजा 'वोट वाइब' सर्वे में एनडीए न सिर्फ वोट प्रतिशत में आगे है, बल्कि सीएम फेस के मामले में भी योगी आदित्यनाथ ने अपनी मजबूत बढ़त कायम रखी है. अब देखना यह होगा कि चुनाव की तारीखें करीब आते-आते उत्तर प्रदेश का यह सियासी ऊंट किस करवट बैठता है.
ये भी पढ़ें: झांसी: सरकारी टीचर रवि यादव बना किडनैपर? पुलिस लिखी कार से व्यापारी को उठाया, जानें आखिर ऐसा करने की क्या थी वजह
ADVERTISEMENT


