यूपी कैडर के आईएएस रिंक सिंह राही ने इस्तीफा देकर राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है. सोशल मीडिया पर इस बात की खूब चर्चा है कि जिस एग्जाम को पास कर IAS बनने का ख्वाब अधिकतर युवाओं का होता है उस जॉब से रिंकू सिंह ने आखिर रिजाइन क्यों कर दिया.
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सूत्रों की मानें तो रिंकू सिंह ने अपने इस्तीफे की वजह सिस्टम के समानांतर अलग सिस्टम चलने को बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया गया. वेतन तो मिल रहा था पर जनसेवा का अवसर नहीं दिया जा रहा था. रिंकू सिंह ने इसे नैतिक निर्णय बताया था.
आईएएस से पहले रिंकू सिंह राही राज्य सेवा में थे और नौकरी में रहते हुए रिंकू सिंह ने आईएएस की परीक्षा पास की थी. रिंकू सिंह राही ने UPSC 2021 की परीक्षा पास की. इससे पहले उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले का पर्दाफाश करने पर 7 गोली मारी गई थी.
भ्रष्टाचार की चेन को तोड़ने की कही थी बात
ANI को दिए एक इंटरव्यू में रिंकू सिंह ने बताया था- ''2004 में मैंने PCS परीक्षा पास की. मुजफ्फरनगर में पहली पोस्टिंग के दौरान, मुझे भ्रष्टाचार का पता चला जिसमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. उन्होंने मुझ पर हमला कराया था, लेकिन मैं बच गया. लगातार भ्रष्टाचार हो रहा है, इस क्रम को तोड़ना है. इसके लिए प्रयास करूंगा.''
वकीलों के सामने उठक-बैठक लगाई
जुलाई 2025 में शाहजहांपुर में एसडीएम रहते हुए रिंकू सिंह राही ने गलती पर वकीलों के सामने उठक बैठक लगाई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. जिसके चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने रिंकू सिंह राही को राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया. दरअसल 29 जुलाई (मंगलवार) को वो SDM का चार्ज संभालने पहुंचे थे. इसके बाद वह तहसील के दफ्तरों के दौरे पर निकले. इस दौरान उन्होंने एक शख्स को परिसर के अंदर दीवार पर टॉयलेट करते हुए देख लिया. रिंकू ने उसे डांटा और सजा के तौर पर मौके पर ही उससे उठक-बैठक लगवा दी. यह शख्स एक वकील का मुंशी था.
तहसील परिसर में पहले से ही वकीलों का धरना चल रहा था. जैसे ही उन्हें उठक-बैठक लगवाने का पता चला उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. इस पर SDM ने कहा कि इसमें कोई शर्म नहीं है. वह खुद भी उठक-बैठक लगा सकते हैं. इसके बाद उन्होंने वकीलों के बीच ही कान पकड़कर उठक-बैठक लगाना शुरू कर दिया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
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