गाजियाबाद से पढ़ाई, फिर विदेश में वकालत, जानिए कौन हैं यूपी के मंत्री संदीप सिंह की दुल्हनिया मेघना चौधरी

सुषमा पांडेय

06 Nov 2026 (अपडेटेड: Nov 6 2026 1:44 PM)

यूपी के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह 14 नवंबर को अपनी स्कूल की दोस्त और पेशे से वकील मेघना चौधरी से सगाई करने जा रहे हैं. इनकी पूरी कव स्टोरी जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट

संदीप सिंह- मेघना सिंह
संदीप सिंह- मेघना चौधरी
Google CTA

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह के घराने 'बाबूजी परिवार' का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है. लेकिन इस बार यह परिवार किसी चुनावी हलचल या बयानबाजी के लिए नहीं, बल्कि घर में गूंजने वाली खुशियों और शहनाइयों की गूंज को लेकर सुर्खियों में है.

Read more!

यूपी सरकार में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह जल्द ही दूल्हा बनने जा रहे हैं. 14 नवंबर को उनकी सगाई अपनी बचपन की दोस्त मेघना चौधरी के साथ होने जा रही है. स्कूल के क्लासरूम से शुरू हुआ यह रिश्ता अब जन्मों के बंधन में बदलने जा रहा है. आइए जानते हैं यूपी के इस युवा मंत्री की फिल्मी सी लगने वाली लव स्टोरी और उनकी दुल्हनिया के बारे में...

दिल्ली पब्लिक स्कूल से शुरू हुआ दोस्ती का सफर

इस लव स्टोरी की पटकथा किसी राजनीतिक मंच पर नहीं, बल्कि दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) के क्लासरूम में लिखी गई थी. संदीप और मेघना दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे. संदीप उम्र और पढ़ाई में मेघना से सीनियर थे, लेकिन इसी दौरान दोनों में दोस्ती हो गई. वक्त के साथ यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई.

साल 2012 में 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद संदीप ने स्कूल छोड़ दिया. इसके बाद दोनों के करियर की राहें अलग हो गईं. मेघना वकालत (Law) की पढ़ाई के लिए विदेश चली गईं और संदीप भारत में ही रहे. सात समंदर पार की दूरी भी दोनों के अहसासों को कम नहीं कर सकी और फोन व मैसेजेस के जरिए उनका संपर्क लगातार बना रहा.

जब आई रिश्ते में रुकावट, संदीप ने ऐसे मनाया परिवार

कहा जाता है कि सच्चे प्यार की राह में इम्तिहान जरूर आते हैं. संदीप और मेघना की कहानी में भी ऐसा ही मोड़ आया. साल 2024 में जब संदीप सिंह के परिवार को इस रिश्ते के बारे में पता चला, तो उनका परिवार रिश्ता लेकर गाजियाबाद स्थित मेघना के घर पहुंचा.

शुरुआती दौर में कुछ पारिवारिक असहमतियों और ऐतराज के कारण बात नहीं बन पाई. लेकिन संदीप ने हार नहीं मानी. अपने प्यार को मंजिल तक पहुंचाने के लिए उन्होंने धैर्य से काम लिया, अपने परिवार को समझाया और आखिरकार दोनों पक्षों की रजामंदी हासिल कर ली.

कौन हैं संदीप सिंह की दुल्हनिया मेघना चौधरी?

संदीप सिंह की होने वाली जीवनसंगिनी मेघना चौधरी मूल रूप से अलीगढ़ जिले के गोंडा ब्लॉक से ताल्लुक रखती हैं, हालांकि उनका परिवार लंबे समय से गाजियाबाद में बसा हुआ है. उनके दादा राधेश्याम चौधरी भारतीय नौसेना (Indian Navy) से सेवानिवृत्त हैं. उनके पिता अरुण चौधरी एक बड़े ठेकेदार और जाने-माने कारोबारी हैं. उनका परिवार मुख्य रूप से जूते के व्यापार और कंस्ट्रक्शन निर्माण कार्यों से जुड़ा हुआ है.

बाबूजी के सियासी घराने की विरासत

इस शादी के साथ ही कल्याण सिंह के राजनीतिक परिवार की समृद्ध विरासत की चर्चा भी जोरों पर है:

  • दादा स्व. कल्याण सिंह: यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल रहे कल्याण सिंह प्रदेश की राजनीति के दिग्गज स्तंभ थे. वे 1991 और 1997 में दो बार यूपी के मुख्यमंत्री बने. अलीगढ़ की अतरौली सीट से उनका गहरा जुड़ाव था.
  • पिता राजवीर सिंह (राजू भैया): एटा लोकसभा सीट से 2014 और 2019 में बीजेपी सांसद रहे और यूपी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं.
  • मां प्रेमलता वर्मा: अतरौली विधानसभा सीट से 2004 (उपचुनाव) और 2007 में विधायक रह चुकी हैं.

युवा मंत्री संदीप सिंह का अब तक का सफर

24 जून 1991 को अलीगढ़ में जन्मे संदीप सिंह ने पोस्टग्रेजुएशन तक शिक्षा हासिल की है. साल 2017 में महज 26 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पारंपरिक अतरौली सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीता और योगी सरकार 1.0 में मंत्री बने. इसके बाद 2022 में वह दोबारा इसी सीट से विधायक चुने गए और वर्तमान में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का दायित्व संभाल रहे हैं.

परिवार में दोगुनी हुई खुशियां, एक साथ उठेंगी दो डोली!

कल्याण सिंह के परिवार में इस बार जश्न दोगुना होने वाला है. संदीप सिंह के साथ-साथ उनके छोटे भाई सौरभ सिंह भी शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं.

सगाई: 14 नवंबर को अलीगढ़ के ताला नगरी क्षेत्र में दोनों भाइयों का भव्य संयुक्त सगाई समारोह आयोजित किया जाएगा.
शादी: दोनों भाइयों की शादी और फेरों की रस्में 27 नवंबर को देश की राजधानी दिल्ली में संपन्न होंगी.

ये भी पढ़ें: अमित शाह के 'अंगद का पैर' वाले बयान पर भड़के शंकराचार्य, बोले- 'सत्ता के अहंकार से नहीं, धर्म और सत्य से टिका था अंगद का पैर'