UP Panchayat Election Date: यूपी पंचायत चुनाव को लेकर आया बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट ने तय की चुनाव कराने की समयसीमा

आनंद राज

14 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 14 2026 5:26 PM)

UP Panchayat Election Date: इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही प्रशासकों की नियुक्ति पर भी स्थिति स्पष्ट की गई है.

यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
Google CTA

UP Panchayat Election News: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की बाट जोह रहे लोगों के लिए प्रयागराज से एक बड़ी खबर सामने आई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को आदेश दिया है कि प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई जाए. अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि इस कार्य के लिए अब आगे कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा.

Read more!

सुबह 11 बजे से शुरू हुई थी सुनवाई

इस मामले में आज अदालत के अंदर काफी लंबी बहस देखने को मिली. सुबह 11:00 बजे से लेकर दोपहर करीब 3:30 बजे तक इस केस पर लगातार सुनवाई चलती रही. एडवोकेट इम्तियाज हुसैन, दशरथ यादव और अन्य की तरफ से दाखिल याचिकाओं पर कोर्ट ने विस्तार से दलीलें सुनीं. लखनऊ बेंच में लंबित याचिकाओं को भी इसी के साथ जोड़कर सुना गया और शाम करीब 4:30 बजे अदालत ने अपना फैसला सुनाया.

प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर क्या आया फैसला?

राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने के आदेश को कई याचिकाओं के जरिए चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने प्रशासकों की नियुक्ति करने वाले शासन आदेश को वैध ठहराया है और इसे चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को निरस्त कर दिया है. इसका मतलब यह है कि जब तक नई पंचायतों का चुनाव नहीं हो जाता और नई व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक मौजूदा प्रशासक ही अपने पद पर बने रहेंगे.

ओबीसी कमीशन के काम और चुनाव ढांचे पर रुख

अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और अधिवक्ताओं द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने ओबीसी कमीशन के कामकाज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है. अदालत ने कहा कि कमीशन अपना काम करता रहेगा, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया कमीशन के काम पर निर्भर नहीं करेगी. चुनाव की पूरी प्रक्रिया मौजूदा फ्रेमवर्क (ढांचे) और नियमों के तहत ही आगे बढ़ेगी.

27 प्रतिशत आरक्षण के नियम रहेंगे लागू

कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी साफ किया है कि चुनाव के दौरान 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का पूरी तरह पालन किया जाएगा. यानी चुनाव प्रक्रिया मौजूदा नियमों के आधार पर ही आयोजित की जाएगी. अब राज्य सरकार और चुनाव आयोग को दिए गए तीन महीने के समय के भीतर ही पूरी चुनावी कसरत खत्म करनी होगी.

यह भी पढ़ें: 'खुद डूब जाएगी बीजेपी...' अखिलेश यादव ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान सरकार पर बोला हमला, देखें वीडियो