उत्तर प्रदेश के वाराणसी में नए साल के पहले दिन उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सत्ता के नशे में चूर एक भाजपा नेता ने ऑन-ड्यूटी सब इंस्पेक्टर (SI) पर हाथ उठा दियाय मामला वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्मनाल चौकी का है. यहां नो-व्हीकल जोन में जबरन बाइक ले जाने से रोकने पर भाजपा पार्षद के बेटे ने न केवल दरोगा को थप्पड़ मारा, बल्कि अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी पिटाई भी कर दी. लेकिन जब गुस्साई भीड़ भाजपा पार्षद के बेटे पर टूटी तो इसी पुलिस वाले ने उन्हें बचाया और थाने लेकर पहुंच गया.
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क्या है पूरा मामला?
1 जनवरी 2026 को नए साल के मौके पर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट और आसपास के इलाकों में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी. सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस ने कई रास्तों को नो व्हीकल जोन घोषित किया था. ब्रह्मनाल चौकी इंचार्ज अभिषेक त्रिपाठी सतुआ बाबा आश्रम वाली गली में भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे. तभी भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास्तव का बेटा और भाजपा युवा मोर्चा का पदाधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव अपने दो साथियों के साथ बाइक लेकर प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की जिद करने लगा.
दरोगा को जान बचाने के लिए दुकान में छिपना पड़ा
सब इंस्पेक्टर अभिषेक त्रिपाठी ने अपनी तहरीर में बताया कि जब उन्होंने भीड़ का हवाला देकर बाइक को अंदर जाने से रोका, तो हिमांशु ने पार्षद का बेटा होने का रौब दिखाया. बात बढ़ने पर हिमांशु और उसके साथियों ने दरोगा को मां-बहन की गालियां दीं और थप्पड़ बरसाने शुरू कर दिए. हमले से बचने के लिए वर्दीधारी दरोगा को अपनी ड्यूटी छोड़कर एक स्थानीय दुकान में छिपकर जान बचानी पड़ी.
दरोगा ने ही निभाया फर्ज
दरोगा के साथ सरेआम मारपीट देख वहां मौजूद स्थानीय लोग और श्रद्धालु भड़क गए. भीड़ ने आरोपी हिमांशु श्रीवास्तव को घेर लिया और उसकी धुनाई शुरू कर दी. हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस दरोगा को हिमांशु ने पीटा था, उसी दरोगा अभिषेक त्रिपाठी ने इंसानियत और फर्ज निभाते हुए हिमांशु को बेकाबू भीड़ के चंगुल से बचाया और सुरक्षित थाने ले आए.
पुलिस की कार्रवाई और FIR
ACP दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी हिमांशु श्रीवास्तव के खिलाफ 132 BNS (सरकारी कर्मचारी पर हमला), 352, 115(2), 351(2) और 7 CLA Act में मुकदमा दर्ज किया गया है. मुख्य आरोपी हिमांशु श्रीवास्तव पुलिस हिरासत में है, जिसका उपचार मंडलीय अस्पताल (कबीर चौरा) में चल रहा है. पुलिस उसके फरार दो अन्य साथियों की तलाश कर रही है.
यहां देखें अतुल अंजान त्रिपाठी का बयान
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