भाजपा ने विनोद तावड़े को ही क्यों सौंपी उत्तर प्रदेश की कमान? जानिए इसके पीछे की कहानी

कुमार अभिषेक

• 01:31 PM • 18 Aug 2026

BJP UP Incharge Vinod Tawde: बीजेपी ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी बनाया है. जानिए आखिर पार्टी ने तावड़े पर ही क्यों भरोसा जताया, बिहार में उनकी भूमिका, संगठन में उनकी पकड़, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री के तौर पर अनुभव और 2027 यूपी चुनाव से जुड़ी उनकी बड़ी चुनौतियां क्या हैं.

Vinod Tawde
Vinod Tawde
Google CTA

भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी संगठन में बदलाव करने के साथ-साथ आगामी चुनाव के लिए भी बड़ा ऐलान कर दिया है. पार्टी ने चुनावी राज्यों के लिए पार्टी प्रभारी की नियुक्तियां कर दी है और अपने अनुभवी नेताओं को कमान सौंप दी है. बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के लिए विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया है, तो वहीं सतीश पुनिया को पंजाब और तरुण चुग को गुजरात की जिम्मेदारी सौंप दी है. इसी बीच एक चर्चाएं तेज हो गई है कि आखिर BJP ने विनोद तावड़े को ही उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी क्यों सौंपी है? आइए विस्तार से जानते हैं इसके मायने.

Read more!

संगठन में काफी दिनों से थी चेहरे की कमी!

जब से सुनील बंसल उत्तर प्रदेश संगठन महामंत्री के पद से हटे थे, तब से वहां कोई बड़ा चेहरा मौजूद नहीं था. ऐसे में संगठन में एक ऐसे चेहरे की कमी महसूस की जा रही थी, जो कि किसी के साथ पक्षपात ना करें और सबको एकसाथ लेकर चल सकें. इसके अलावा राधा मोहन सिंह के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा प्रभारी का पद भी खाली था. हालांकि, पिछले कुछ समय से विनोज तावड़े अनौपचारिक रूप से कामकाज देख रहे थे और मंत्रिमंडल बंटवारे के समय भी उनकी भूमिका काफी अहम रही थी.

बिहार में भी किया था गजब का प्रदर्शन!

अब विनोद तावड़े के रूप में उत्तर प्रदेश में भाजपा को एक महारथी मिल गया है. इससे पहले विनोद तावड़े बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के भी प्रभारी रह चुके है. बिहार में NDA की जीत, खासकर भाजपा की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरना और साथ ही सम्राट चौधरी को भाजपा का मुख्यमंत्री बनाने में भी उनकी अहम भूमिका मानी जाती है. कहा जाता है कि उन्होंने संगठन के स्तर पर बिहार में ऐसा गजब का काम किया जिस वजह से यह हो पाया है.

महाराष्ट्र सरकार में रह चुके हैं 16 विभागों के मंत्री

विनोद तावड़े महाराष्ट्र से आते हैं. साथ ही वह महाराष्ट्र सरकार में 16 विभागों में भी मंत्री रह चुके है. संगठन के स्तर पर उनका कामकाज काफी अच्छा माना जाता है और उनका बड़ा नाम भी है. विनोद तावड़े का सभी पक्ष को सुनना और किसी खेमे से पक्षपात नहीं करना ही उनकी पहचान है. कहा जा रहा है कि यह वजह है की पार्टी ने उनपर भरोसा जताया है और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की कमान सौंपी है.

2024 के झटके के बाद बेहतर तालमेल की जरूरत

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की कमान मिलने के बाद विनोद तावड़े के सामने कई बड़ी चुनौतियां भी है. दरअसल 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को उत्तर प्रदेश में बड़ा झटका लगा था. अब ऐसी स्थिति में पार्टी के सामने संगठन को फिर से मजबूत करने और ग्राउंड लेवल पर कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है. OBC समुदाय से ताल्लुक रखने वाले विनोद  तावड़े पर पार्टी ने भरोसा जताया है. माना जा रहा है कि तावड़े की नियुक्ति से शीर्ष स्तर पर भी खेमेबंदी पर विराम लग सकता है. साथ ही सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय की कोशिश होगी, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन कर सकें.

2024 में हार के बाद भी BJP ने नहीं छोड़ा साथ... जानिए कौन हैं रेखा वर्मा, जिनके जरिए खोजी जा रही अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले का काट