IPS जोगिंदर कुमार की पूरी कुंडली...कौन हैं वह, जिनके फैसले से रुक गया शंकराचार्य का संगम स्नान, राजस्थान से है कनेक्शन!

न्यूज तक डेस्क

• 02:50 PM • 21 Jan 2026

Who is IPS Joginder Kumar: प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को संगम नोज जाने से रोक दिया गया. पुलिस से विवाद के बाद उन्होंने स्नान नहीं किया और धरने पर बैठ गए. उन्होंने पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार पर आरोप लगाते हुए माफी की मांग की है.

ips joginder kumar
ips joginder kumar
Google CTA

Who is IPS Joginder Kumar: प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम नोज जाने से रोके जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस घटना के बाद संत समाज और प्रशासन आमने-सामने आ गया है. शंकराचार्य अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से माफी की मांग पर अड़े हुए हैं.

Read more!

इस पूरे घटनाक्रम में प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. शंकराचार्य ने सीधे तौर पर उन्हें इस विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

कैसे शुरू हुआ विवाद?

मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य के शिष्य संगम नोज की ओर जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस हो गई. बात बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गई. हालात बिगड़ते देख शंकराचार्य ने संगम स्नान का कार्यक्रम रद्द कर दिया और पालकी को वापस शिविर की ओर मोड़ दिया.

इसके बाद से वे लगातार धरने पर बैठे हैं. उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से माफी नहीं मांगी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

कौन हैं पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार?

जोगिंदर कुमार 2007 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं. वे मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आईपीएस बनने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं.

शुरुआती पोस्टिंग से लेकर जिला कप्तान तक

प्रशिक्षण के दौरान वे आगरा में तैनात रहे. इसके बाद आजमगढ़ और प्रयागराज में एएसपी के रूप में सेवाएं दीं.

2011 में उन्हें पहली बार जिले की कमान मिली और वे हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बने. इसके बाद मऊ और फतेहगढ़ जैसे जिलों में भी एसपी रहे.

वाराणसी, इलाहाबाद और अयोध्या में अहम भूमिका

2014 से 2015 तक जोगिंदर कुमार वाराणसी के एसएसपी रहे. 2016 में उन्हें इलाहाबाद (अब प्रयागराज) का एसएसपी बनाया गया. इसके बाद बरेली, यूपी एटीएस और अयोध्या जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी वरिष्ठ पदों पर तैनाती रही.

डीआईजी और आईजी पद तक का सफर

2020 में वे गोरखपुर के एसएसपी बने और बाद में डीआईजी पद पर पदोन्नत हुए. करीब ढाई साल तक झांसी रेंज के डीआईजी रहे, जो उनका अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल रहा. इसके बाद कानपुर रेंज में डीआईजी और फिर आईजी के रूप में जिम्मेदारी संभाली.

कब बने प्रयागराज पुलिस कमिश्नर?

11 मई 2025 को जोगिंदर कुमार को प्रयागराज का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया. वर्तमान में वही इस पद पर कार्यरत हैं और माघ मेले से जुड़ा यह विवाद में उनका नाम चर्चाओं में हैं. 

यह भी पढ़ें: माघ मेला नोटिस पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा जवाब, 8 पन्नों में दिया कड़ा जवाब