Chhotelal Kharwar Viral Video: कौन हैं सपा सांसद छोटेलाल खरवार, जिन्हें लोकसभा में कहा गया 'छोटा'

कुमार अभिषेक

13 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 13 2026 9:55 AM)

लोकसभा में बहस के दौरान सभापति की पीठ पर मौजूद भाजपा सांसद जगदंबिका पाल द्वारा सपा सांसद छोटेलाल खरवार पर तंज कसते हुए कहा गया- "आप खुद छोटे हैं...". इसका वीडियो वायरल होने के बाद सपा समर्थक इसकी आलोचना कर रहे हैं.

Chhotelal Kharwar Viral video
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लोकसभा में हंगामे के बीच अक्सर नेताओं के तंज और टिप्पणियां सुर्खियां बनती हैं, लेकिन हाल ही में सोनभद्र-चंदौली क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद छोटेलाल खरवार पर की गई एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है. डिजिटल न्यूज चैनल यूपी तक की विशेष वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा में बहस के दौरान सभापति की पीठ पर मौजूद भाजपा सांसद जगदंबिका पाल द्वारा सपा सांसद को लेकर कही गई बात अब राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो रही है.

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संसद में क्या हुआ?

सदन में चल रहे शोर-शराबे के दौरान जगदंबिका पाल ने छोटेलाल खरवार को अपनी सीट पर जाने का निर्देश देते हुए मुस्कुराते हुए कहा- "छोटेलाल जी आप खुद छोटे हैं, आप खुद छोटे हैं... और आप यहां खड़े हैं तो कोई नहीं देख रहा है, आप अपनी सीट पे जाइए..."

इस बयान का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. समाजवादी पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि के लिए इस तरह की भाषा अनुचित है, जबकि कई लोग इसे सदन के माहौल को हल्का-फुल्का बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं.

ग्राम प्रधानी से संसद तक का तय किया सफर

छोटेलाल खरवार का राजनीतिक सफर काफी जमीनी और उतार-चढ़ाव भरा रहा है. एक सामान्य ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर संसद की सीढ़ियों तक पहुंचने वाले खरवार का सफर कुछ इस प्रकार रहा है:

2005-2010 (प्रधानी का दौर): उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में ग्राम प्रधान का चुनाव जीतकर की थी. इसके बाद 2010 में वे लगातार दूसरी बार भी अपने गांव के प्रधान चुने गए.

2014 (बीजेपी के टिकट पर बने पहली बार सांसद): 2014 की मोदी लहर के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट दिया और वे पहली बार सांसद चुनकर दिल्ली पहुंचे.

2019-2024 (सपा में वापसी और बड़ी जीत): 2019 के चुनाव में यह सीट गठबंधन सहयोगी 'अपना दल (एस)' के खाते में चले जाने से वे साइडलाइन महसूस करने लगे थे. 2024 के आम चुनाव से ठीक पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया. सपा के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए उन्होंने अपना दल की प्रत्याशी रिंकी कोल को 1,29,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से हराकर दोबारा लोकसभा में प्रवेश किया.

जब संसद में लोकगीत गाकर उठाया क्षेत्र का मुद्दा

छोटेलाल खरवार की एक पहचान लोकगायक के रूप में भी है. पूर्वांचल के आदिवासी और खरवार समुदाय के बीच उनकी गीतों को लेकर काफी लोकप्रियता है. संसद में भी उनका यह अनोखा अंदाज देखने को मिल चुका है.

रेल मंत्रालय की बजट चर्चा के दौरान उन्होंने केवल भाषण देने के बजाय खुद का लिखा एक लोकगीत गाकर सुनाया था. गीत के माध्यम से उन्होंने सोनभद्र, चकिया, नौगढ़ और भभुआ क्षेत्र में रेलवे की खस्ताहाल स्थिति और नई ट्रेनों की मांग को बेहद मार्मिक ढंग से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने रखा था.

विवादों से भी रहा है नाता

संसदीय करियर के साथ-साथ छोटेलाल खरवार का नाम कुछ विवादों में भी आ चुका है:

  • सोशल मीडिया पोस्ट मामला: 2025 में उनकी एक फेसबुक पोस्ट की भाषा शैली को लेकर काफी विरोध और विवाद हुआ था.
  • जाति प्रमाण पत्र विवाद: सोनभद्र लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है. चंदौली के मूल निवासी होने के कारण उनकी जाति प्रमाण पत्र की वैधता को लेकर सवाल उठे थे, हालांकि 2025 में इस मामले में उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी.

आदिवासी बेल्ट में मजबूत पकड़ रखने वाले छोटेलाल खरवार 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नजरिए से भी समाजवादी पार्टी के लिए पूर्वांचल में एक अहम चेहरा माने जाते हैं.