चमोली: भारी बर्फबारी के बीच श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद, जानिए इस साल कितने श्रद्धालुओं ने टेका मत्था

कमल नयन सिलोड़ी

10 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 10 2026 5:41 PM)

Hemkund Sahib Yatra 2026: चमोली में 15,200 फीट की ऊंचाई पर कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बीच श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं. इस साल 3.84 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. सेना के बैंड और अरदास के साथ यात्रा सीजन का समापन हुआ.

Hemkund Sahib Yatra 2026
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Hemkund Sahib Yatra 2026: चमोली के ऊंचे पर्वतीय इलाके में कड़ाके की ठंड और चारों तरफ फैली सफेद बर्फ की चादर के बीच सिखों के प्रसिद्ध पवित्र धाम श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं. धार्मिक परंपराओं, अंतिम अरदास और सेना के बैंड की गूंज के साथ कपाट बंद होने का यह क्षण हर किसी को भावुक कर देने वाला रहा. इस विशेष मौके के साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना धाम पहुंचे थे. कपाट बंद होने की प्रक्रिया पूरी होते ही क्षेत्र में एक बार फिर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया.

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विशेष अरदास और सचखंड साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब का प्रवेश

कपाट बंद होने के दिन सुबह की शुरुआत सुखमणी साहिब के पाठ से हुई, जिसके बाद शबद-कीर्तन का गायन किया गया. दोपहर में यात्रा की अंतिम अरदास पूरी होने और हुक्मनामा लेने के बाद, पंज प्यारों की अगुवाई में गुरु ग्रंथ साहिब को पूरे आदर-सम्मान के साथ दीवान हॉल से सचखंड साहिब में सुशोभित किया गया. इस दौरान सेना के बैंड की मधुर धुनों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्तिमय बना दिया. इसके साथ ही इस वर्ष की यात्रा का विधिवत समापन हो गया.

रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की मौजूदगी और पाकिस्तान से आया विशेष जत्था

23 मई से शुरू हुई इस साल की यात्रा में कुल 3,84,573 से अधिक श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब पहुंचकर मत्था टेका. कपाट बंद होने के अंतिम अवसर पर भी गोविंदघाट और घांघरिया से करीब छह हजार से अधिक भक्तजन धाम पहुंचे. इसमें पाकिस्तान से आया हुआ 40 सदस्यीय सिख श्रद्धालुओं का दल भी शामिल था. चारों ओर बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच पहुंचे सभी श्रद्धालु गुरु महाराज के दर्शन और अरदास में लीन दिखाई दिए.

चुनौतियों से भरे रास्ते और सुरक्षा में डटे जवान

समुद्र तल से 15,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस धाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा. इस सीजन में बारिश, बर्फबारी और रास्ते पर जमी बर्फ की मोटी परत ने श्रद्धालुओं के लिए कई मुश्किलें खड़ी कीं. ऐसे कठिन मौसम में चमोली पुलिस और SDRF के जवानों ने लगातार मुस्तैद रहकर बर्फ से ढके रास्तों पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित रास्ता पार कराया. यात्रियों ने भी जवानों के इस सेवाभाव, समर्पण और सहयोग की दिल खोलकर सराहना की.

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