कौन है 24 साल की बबीता पांडे, जो दयारा बुग्याल ट्रेक से अचानक हुई लापता? फर्जी दस्तावेजों के खुलासे ने बढ़ाई मिस्ट्री

Babita Pandey Missing: उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई 24 वर्षीय बबीता पांडे रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई हैं. कई दिनों से SDRF, NDRF, पुलिस और ड्रोन टीम उनकी तलाश में जुटी है. इस बीच ट्रेकिंग एजेंसी के दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़ा मिलने के बाद मामला और भी उलझ गया है.

कैसे लापता हुई बबीता पांडे?
कैसे लापता हुई बबीता पांडे?

ओंकार बहुगुणा

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Babita Pandey Missing From Dayara Bugyal: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर के रहने वाले एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.  उत्तरकाशी जिले के दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई उनकी 24 वर्षीय बेटी बबीता पांडे का कहीं कुछ पता नहीं चल रह है. बबीता अपने कुछ दोस्तों के साथ ट्रेक पर गई थीं. लेकिन अचानक से एक दिन लापता वो हो गई. इसके बाद से अब उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार उनकी खोज में जुटी हुई हैं. लेकिन उसकी कोई खबर नहीं मिल रही है. बबीता पांडे की तलाश के लिए पुलिस राजस्व विभाग वन विभाग और SDRF के साथ साथ NDRF की डॉग स्क्वॉड की टीम लगी हुई है.

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वहीं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य आपदा स्मार्ट कंट्रोल रूम से खुद इस पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर कर रहे हैं. फिलहाल गोई कैंप से लेकर रैथल गांव के बीच अलग अलग क्षेत्रों में करीब 100 लोगों की बड़ी टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है. खोजी कुत्तों और ड्रोन कैमरों की मदद से चप्पे चप्पे को छाना जा रहा है. मामले में अब पुलिस उनके साथ गए सहयोगियों और ट्रेक गाइड्स से पूछताछ कर रही है.

कैसे लापता हुई बबीता पांडे?

पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि बबीता पांडे अपने दोस्तों के साथ 25 मई को देहरादून आई थीं. वहां एक दिन रुकने के बाद वे दो दिन हर्षिल और गंगोत्री धाम में रहे जहां उन्होंने दर्शन भी किए. इसके बाद 28 मई को यह दल उत्तरकाशी पहुंचा और वहां आराम से रुका. 29 मई को यह लोग रायथल गांव से दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए रवाना हुए थे. साथियों के मुताबिक 29 मई की रात या 30 मई से वो लापता हैं. इसकी सूचना पुलिस को 30 मई की रात करीब 8 बजे मिली थी.

बबीता के दोस्तों और गाइड से चल रही पूछताछ और केस दर्ज

एसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि 30 मई की रात को सूचना मिलते ही पुलिस इंस्पेक्टर और एसओजी की टीम को तुरंत काम पर लगा दिया गया था. 31 मई की रात को जब बबीता के परिवार वाले उत्तरकाशी पहुंचे तो उनकी तहरीर पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. युवती के साथ आए सहयोगियों और ट्रेक गाइड्स को हिरासत में नहीं लिया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. इसके साथ ही इलाके के लोगों से पूछताछ के लिए बबीता के पोस्टर भी लगाए गए हैं. सीओ उत्तरकाशी के निर्देशन में एक विशेष टीम बनाई गई है जो पूरे मामले की जांच कर रही है और उस क्षेत्र के सीसीटीवी और सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है.

ट्रेकिंग एजेंसी पर फर्जीवाड़ा का आरोप 

अब इस पूरे मामले में एक बड़ा खुलासा भी हुआ है. जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी ने बताया कि जिला प्रशासन के ऑनलाइन पोर्टल एक्सप्लोर उत्तरकाशी डॉट कॉम से बबीता पांडे के नाम पर ट्रेक के लिए कोई अनुमति यानी परमिशन नहीं ली गई थी. ट्रेकिंग एजेंसी ने वन विभाग में जो अनुमति पत्र जमा कराया था उसमें कुछ दस्तावेज फर्जीवाड़ा पाए गए. इन दस्तावेजों को देखकर ऐसा लग रहा है कि इन्हें एडिट कर बबीता पांडे का नाम जोड़ा गया था. इस गंभीर गड़बड़ी के बाद ट्रेकिंग एजेंसी को सस्पेंड कर दिया गया है. उसके खिलाफ जिला प्रशासन व पुलिस को रिपोर्ट भेज दी गई है.

कौन है बबीता पांडे?

मिली जानकारी के अनुसार, बबीता पांडे नैनिताल जिले की रहने वाली है. MBA की पढ़ाई करने के बाद वे एक प्राईवेट कंपनी में काम कर रही थीं. 29 मई को बबीता अपने कुछ दोस्तों के साथ दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए रवाना हुई थी. लेकिन इसके बाद वे रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई. फिलहाल पुलिस-प्रशासन की टीमें लगातार उनकी खोज में जुटी हुई हैं.

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