Babita Pandey Missing Update: उत्तरकाशी जिले के दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता 24 वर्षीय बबीता पांडे का चार दिन के बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है. चार दिन से लगातार जारी खोज एवं बचाव अभियान के बावजूद राहत दलों को अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए बबीता की तलाश को और तेज कर दिया गया है. बबीता पांडे को ढूंढने के लिए प्रशासन ने पहली बार इस अभियान में सेना और आईटीबीपी के जवानों को भी शामिल किया है.
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अब सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग समेत विभिन्न एजेंसियों का लगभग 150 सदस्यीय संयुक्त खोज एवं बचाव दल कमान संभाल चुका है. यह विशाल टीम दयारा क्षेत्र के बेहद दुर्गम इलाकों, घने जंगलों, खतरनाक ढलानों, ट्रेक मार्गों और आसपास के सभी संभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सघन सर्च अभियान चला रही है.
कैंप स्थल के पास स्थित रहस्यमयी झील पर टिका फोकस
पांच दिनों से लगातार चल रहे इस सघन खोज अभियान के बाद अब पूरा सर्च ऑपरेशन एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. अब रेस्क्यू टीमों की नजर एक झील पर टिक गई है. यह झील उसी गोई बेस कैंप स्थल के बेहद करीब बताई जा रही है, जहां से बबीता पांडे के अचानक लापता होने की आखिरी जानकारी सामने आई थी. दुर्गम क्षेत्रों की बारीकी से तलाश करने के बाद भी जब कोई ठोस सुराग नहीं मिला, तो अब जांच और सर्च ऑपरेशन का पूरा फोकस इस झील पर केंद्रित कर दिया गया है.
आधुनिक उपकरणों के साथ पहुंचेगी 6 सदस्यीय डीप ड्राइव टीम
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि झील के इस क्षेत्र से बबीता के बारे में कोई महत्वपूर्ण संकेत या सुराग मिल सकता है. जानकारी के अनुसार कुछ ही देर में छह सदस्यीय विशेष डीप ड्राइव सर्च टीम मौके पर पहुंचकर अपना अभियान शुरू करने वाली है. यह विशेष टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से झील की गहराई और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र की बेहद सूक्ष्म जांच करेगी. स्थानीय लोगों और प्रशासन की नजरें अब इसी झील वाले अभियान पर टिकी हुई हैं.
ऊधम सिंह नगर से दो साथियों के साथ निकली थी बबीता
आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 वर्षीय बबीता पांडे अपने दो साथियों के साथ घूमने के उद्देश्य से बीते 25 मई को ऊधम सिंह नगर क्षेत्र से निकली थी. अपनी यात्रा के दौरान इस समूह ने 25 मई को देहरादून में रात्रि विश्राम किया था. इसके बाद अगले दिन 26 मई को यह सभी लोग हर्षिल पहुंचे थे. उन्होंने 26 और 27 मई को लम्बा टॉप और गंगोत्री क्षेत्र में भ्रमण किया था. इसके बाद बीते शुक्रवार को बबीता अपने साथियों के साथ दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई थीं.
सीसीटीवी फुटेज आया सामने और मनेरी में दो युवकों से पूछताछ
तय कार्यक्रम के अनुसार 28 मई को यह तीनों रैथल गांव में रुके थे और फिर 29 मई को दयारा बुग्याल ट्रैक के लिए रवाना हुए थे. बबीता के इस मूवमेंट का एक सीसीटीवी फुटेज भी आज तक को मिला है. इसके बाद बबीता इन दोनों युवकों के साथ गोई पड़ाव यानी गोई बेस कैंप तक पहुंची थीं, जहां से उनके रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने की सूचना सामने आई. इसके बाद प्रशासन को मामले की जानकारी दी गई. इस घटना के बाद पुलिस सूत्रों के मुताबिक बबीता के साथ मौजूद दोनों युवकों को मनेरी में पूछताछ के लिए रोका गया है.
सहयोगियों की भूमिका पर प्रशासन ने अभी नहीं की कोई पुष्टि
युवती के साथ मौजूद दोनों युवकों से पुलिस और संबंधित एजेंसियां लगातार जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही हैं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इनमें से एक युवक ऊधम सिंह नगर का और दूसरा उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का निवासी बताया जा रहा है. हालांकि स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में किसी भी व्यक्ति की भूमिका या किसी भी तरह की आशंका की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. दयारा बुग्याल की शांत वादियों के बीच हर गुजरते वक्त के साथ बस एक ही सवाल बना हुआ है कि आखिर बबीता पांडे कहां हैं.
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