Uttarkashi Babita Pandey Missing: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित दयारा बुग्याल ट्रैक से गायब हुई रामनगर की बबीता पांडे की तलाश पांछवे दिन भी जारी रही. बबीता की तलाश में जिला प्रशासन, SDRF, NDRF, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें इस पहाड़ी इलाके, घने जंगलों और ट्रैकिंग के रास्तों पर लगातार खोजबीन कर रही हैं. बबीता के लापता होने की खबर से के बाद से पूरा परिवार इस समय गहरी मानसिक परेशानी और बेचैनी में है. इस बीच हमारे सहयोगी ने बबीता के घर पहुंचकर उनके पिता गोपाल पांडे और दादी से बात की है.
ADVERTISEMENT
बातचीत के दौरान बबीता के पिता अपनी बेटी को याद करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने नम आंखों से कहा कि प्रशासन किसी भी तरह उनकी बेटी को सही-सलामत घर वापस ले आए, उनकी बस यही मांग है. पिता का कहना है कि बबीता पढ़ाई में बहुता होशियार थी. वे इस समय MBA की पढ़ाई के साथ साथ पार्ट टाइम जॉब भी कर रही थी.
पांच साल पहले हुए हादसे ने छीने थे पिता के पैर
आपको बता दें कि बबीता के पिता गोपाल पांडे दिव्यांग है. करीब पांच साल पहले एक सड़क हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं. इसके बाद से वे अब चल फिर भी नहीं सकते. बातचीत हे दौरान गोपाल ने रोते हुए रेस्क्यू टीमों से अपील की कि उनकी लाडली को जल्दी ढूंढ निकाला जाए. उन्होंने कहा कि बेटी तो सिर्फ ट्रैकिंग पर घूमने गई थी, उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वहां ऐसा हादसा हो जाएगा. पूरा परिवार इस समय सिर्फ उसकी सलामती की दुआ कर रहा है.
बुजुर्ग दादी ने हाथ जोड़कर प्रशासन से लगाई गुहार
वही इस दौरान बबीता की बुजुर्ग दादी लक्ष्मी पांडे भी अपनी पोती को याद करके फूट-फूटकर रो पड़ीं. उन्होंने हाथ जोड़कर सरकार और रेस्क्यू टीमों से पोती को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई. उन्होंने बताया कि बबीता को लापता हुए चार से पांच दिन का समय हो चुका है, लेकिन अब तक कोई खबर नहीं मिली है. गौरतलब है कि बबीता की मां और उसका बड़ा भाई हर्षित पांडे खुद उत्तरकाशी में मौजूद हैं और रेस्क्यू टीमों के साथ मिलकर जंगलों में बबीता को तलाश रहे हैं.
दो भाइयों की अकेली और सबसे बड़ी बहन है बबीता
बबीता अपने दो भाइयों में सबसे बड़ी है. उसके दोनों भाई हर्षित पांडे और तनुज पांडे रामनगर में ही पर्यटन के कारोबार से जुड़े हुए हैं. इस समय बबीता की मां और बड़ा भाई उत्तरकाशी में खोजबीन की जगह पर डटे हुए हैं, जबकि घर पर उसका छोटा भाई तनुज, बुजुर्ग दादी और चल-फिर पाने में असमर्थ पिता बबीता के लौटने की राह देख रहे हैं.
30 मई को ट्रैकिंग के दौरान लापता हुई थी बबीता
29 मई को बबीता अपने दो दोस्तों के साथ दयारा बुग्याल ट्रैक पर घूमने गई थी. वहां वो गोई नाम की जगह पर रुकी थी. इसके बाद 30 मई को ट्रैकिंग करने के दौरान वो अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई. साथियों से जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन तुरंत एक्शन में आया. उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के आदेश पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की टीमें आधुनिक ड्रोन कैमरों और डॉग स्क्वॉड की मदद से बेहद बारीकी से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं.
मनेरी कोतवाली में दर्ज हुआ केस, दुआओं का दौर जारी
इस मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कोतवाली मनेरी में BNS की धारा 140(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है. इस समय बबीता के होमटाउन रामनगर समेत पूरे उत्तराखंड के लोगों की नजरें इस बड़े सर्च ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं. रिश्तेदार, पड़ोसी और स्थानीय लोग बबीता की सकुशल घर वापसी के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं और किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं.
ADVERTISEMENT


