बद्रीनाथ धाम में प्रियंका मेहर के कार्यक्रम पर विवाद के बाद प्रशासन का बड़ा फैसला, अब बदल गए ये नियम

कमल नयन सिलोड़ी

• 07:54 PM • 26 Sep 2026

Badrinath Viral Video Controversy: बद्रीनाथ धाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद सामने आए वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठे. इसके बाद चमोली प्रशासन ने धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के आसपास तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर रोक लगा दी. अब किसी भी आयोजन से पहले प्रशासन की अनुमति जरूरी होगी. आदेश नहीं मानने पर कानूनी कार्रवाई होगी.

वायरल वीडियो के बाद बद्रीनाथ में क्यों बदल गए नियम
वायरल वीडियो के बाद बद्रीनाथ में क्यों बदल गए नियम
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Badrinath Viral Video Controversy: श्री बद्रीनाथ धाम समेत चमोली जिले के सभी धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. जिलाधिकारी गौरव कुमार ने धार्मिक स्थलों के आसपास तेज आवाज और उच्च आवृत्ति वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है. यह फैसला ऐसे कार्यक्रमों को रोकने के लिए लिया गया है, जिनसे इन पवित्र स्थलों की गरिमा और माहौल प्रभावित होता है.

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प्रशासन के आदेश के अनुसार, धार्मिक या सांस्कृतिक स्थलों के आसपास किसी भी आयोजन से पहले स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है. मंजूरी देने से पहले संबंधित उप जिलाधिकारी या उप जिला मजिस्ट्रेट सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेंगे और स्वयं अनुमति पत्र जारी करेंगे. इस काम के लिए किसी अन्य विभाग या अधिकारी को नामित नहीं किया जाएगा.

आदेश न मानने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने साफ किया कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले आयोजक मंडल या समिति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का यह फैसला धार्मिक स्थलों के शांत वातावरण और सांस्कृतिक मूल्यों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.

जानिए क्या है विवाद की मुख्य वजह

दरअसल, बद्रीनाथ धाम में बीते 19 और 20 सितंबर को 'देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2026' का आयोजन किया गया था. यह कार्यक्रम मंदिर से सटे टूरिस्ट प्लाजा में 'हमारी विरासत, हमारा भविष्य' थीम पर आयोजित हुआ था, जिसमें लोक संगीत, नृत्य और हस्तशिल्प का प्रदर्शन होना था. इस महोत्सव के पहले दिन लोक गायिका प्रियंका मेहर का एक शो हुआ था. इसके बाद कार्यक्रम के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. वीडियो में प्रियंका को स्टेज पर गाते-नाचते और दर्शकों को पहाड़ों के बैकग्राउंड में झूमते हुए देखा गया. खुद प्रियंका ने भी इसका वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया. इसके बाद लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि बद्रीनाथ जैसे शांत और आध्यात्मिक स्थान पर तेज म्यूजिक और डीजे का इस्तेमाल कितना उचित है.

जहां शंख नहीं बजता वहां बजा डीजे

सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तरह के शो को लोक संगीत के बजाय क्लब स्टाइल वाला बताया और तीखी प्रतिक्रियाएं दीं. कई यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि बद्रीनाथ धाम में एक खास वजह से शंख बजाना तक मना है. उस स्थान की अपनी पवित्रता है, लेकिन वहां तेज आवाज में डीजे बजाया गया. इसके साथ ही कई अन्य यूजर्स ने भी इस बात पर आपत्ति जताई कि यह स्थान ध्यान और साधना के लिए है, इसलिए यहां डीजे बजाने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए. सोशल मीडिया पर लगातार उठते सवालों और विरोध के बाद आखिरकार जिला प्रशासन को मामले का संज्ञान लेते हुए यह सख्त फैसला सुनाना पड़ा.

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