चमोली: सैलाब में बहने लगी थी पोकलैंड मशीन, डेढ़ मिनट तक अंदर फंसे रहे जोगिंदर, फिर ऐसे बचाई अपनी जान, खुद सुनाई पूरी कहानी

कमल नयन सिलोड़ी

• 12:16 PM • 12 Aug 2026

Joginder Singh Pokland Operator Story: चमोली के तमक नाले में बादल फटने के बाद अचानक आए फ्लैश फ्लड में पोकलैंड मशीन समेत जोगिंदर सिंह सैलाब में फंस गए. बाहर खड़े लोग उन्हें मशीन से कूदने को कहते रहे, लेकिन जोगिंदर अंदर ही बैठे रहे. करीब डेढ़ मिनट तक मशीन पानी और बोल्डरों के बीच बहती रही, फिर उनकी जान बच गई. अब उन्होंने सामने आकर कैमरे पर घटना की पूरी कहानी सुनाई है.

पोकलैंड ऑपरेटर जोगिंदर ने कैमरे पर सुनाई पूरी कहानी
पोकलैंड ऑपरेटर जोगिंदर ने कैमरे पर सुनाई पूरी कहानी
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Tamak Nala Flood Pokland Machine Operator Viral Video:"जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई..." यह कहावत चमोली जिले के तमक नाले में आई भयानक तबाही के दौरान बिल्कुल सच साबित हुई. नाले में जब अचानक फ्लैश फ्लड आया तो चारों तरफ केवल मलबा और भारी पत्थर बह रहे थे. इस खतरनाक मंजर के बीच एक पोकलैंड मशीन चलती हुई दिखाई दे रही थी. मशीन के अंदर बैठे ऑपरेटर जोगिंदर सिंह के साथ जो हुआ उसने सभी को हैरान कर दिया. अब खुद जोगिंदर कैमरे पर उस खौफनाक मंजर की कहानी बयान की है.

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दरअसल, सोमवार को तमक इलाके में बादल फट गया. इसके बाद वहां अचानक तेजी से सैलाब आ गया. इस बात से अनजान जोगिंदर सिंह तमक नाले के ऊपर बन रहे पुल के लिए अपनी पोकलैंड मशीन से काम कर रहे थे. इस बीच अचानक ऊपर से अचानक पानी का तेज बहाव आ गया. ये बहाव इतना तेज था कि इसकी चपेट में जो भी आया वो पानी के साथ बहता चला गया.

सैलाब के बीच फंसे पोकलैंड मशीन और जोगिंदर

सैलाब को अपनी तरफ आता देख जोगिंदर के बाकी साथी सुरक्षित जगह की ओर चले गए. लेकिन जोगिंदर अपनी पोकलैंड मशीन को भी सुरक्षित जगह पहुंचाने की कोशिश करने लगे. हालांकि पानी का बहाव इतना तेज था कि मशीन भी उसके सामने टिक नहीं पाई. सैलाब के साथ बड़े-बड़े पत्थर और बोल्डर भी बहकर आ रहे थे. तेज बहाव में पोकलैंड मशीन नीचे की तरफ खिसकने लगी. बाहर खड़े लोग जोगिंदर को मशीन से कूदकर अपनी जान बचाने के लिए कह रहे थे. वहां मौजूद लोगों को लग रहा था कि जोगिंदर मशीन के साथ ही सैलाब में बह जाएंगे. लेकिन जोगिंदर ने घबराने के बजाय समझदारी से काम लिया. उन्होंने मशीन से बाहर निकलने के बजाय उसके अंदर ही रहना बेहतर समझा और उसी के साथ खुद को बचाने की कोशिश करते रहे. करीब डेढ़ मिनट तक जोगिंदर की जिंदगी और मौत के बीच जंग चलती रही. आखिरकार वह सुरक्षित बच गए.

कूदने के बजाय अंदर रहकर बचाई अपनी जान

अपनी आपबीती बताते हुए जोगिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें डर नहीं लगा. उन्होंने सोचा कि अगर वे मशीन से बाहर कूदेंगे तो पानी में बह जाएंगे, लेकिन अगर मशीन के अंदर रहेंगे तो बच सकते हैं. इसीलिए वे मशीन में ही बैठे रहे और उसे नीचे की तरफ भगाया. एक से डेढ़ मिनट तक सड़क तक पानी और पत्थर आ रहे थे, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी.

कौन हैं जोगिंदर सिंह?

जोगिंदर सिंह जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं और पोकलैंड मशीन चलाते हैं. वह तमक नाले पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य में अपनी मशीन के साथ तैनात थे. इसी दौरान अचानक आई तेज बाढ़ जैसी आफत में उन्होंने घबराने के बजाय समय रहते सही फैसला लिया. करीब डेढ़ मिनट में पानी का बहाव इतना तेज हुआ कि आसपास का काफी हिस्सा बह गया, लेकिन जोगिंदर अपनी समझदारी की वजह से सुरक्षित बच गए. उनकी पोकलैंड मशीन भी सुरक्षित रही. खास बात यह है कि इस हादसे के बाद भी जोगिंदर ने काम से पीछे हटने के बजाय दोबारा उसी जगह पर अपनी मशीन संभाल ली. अब वह फिर से उसी जगह काम करते नजर आ रहे हैं. उनकी सूझबूझ और हिम्मत की वजह से उनकी जान भी बची और मशीन भी सुरक्षित रही.

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