पहले iPhone चोरी किया, फिर WhatsApp पर पासवर्ड मांगा... पीड़िता ने वीडियो बनाकर बताई पूरी कहानी, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

अंकित शर्मा

07 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 7 2026 7:01 PM)

Dehradun Kaushiki Dhyani Viral Video: देहरादून के क्लेमेंट टाउन में चोरी की वारदातों ने सभी को हैरान कर दिया है. चोरों ने न सिर्फ हॉस्टलों से लाखों के मोबाइल और मैकबुक उड़ाए, बल्कि चोरी के बाद पीड़ित से ही पासवर्ड की मांग कर डाली. शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से पुलिस की सुस्ती पर सवाल उठ रहे हैं.

मोबाइल चुराकर पीड़िता से मांगा पासवर्ड
मोबाइल चुराकर पीड़िता से मांगा पासवर्ड
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Dehradun Kaushiki Dhyani Viral Video: देहरादून के क्लेमेंट टाउन इलाके में चोरी की घटनाओं से हड़कंप मचा हुआ है. यहां चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे न सिर्फ चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, बल्कि चोरी किए गए सामान का पासवर्ड हासिल करने के लिए पीड़ित से संपर्क भी कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला कौशिकी ध्यानी नाम की युवती ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल (Kaushiki_28) पर शेयर किया है. कौशिकी के मुताबिक, चोर उनका iPhone चुरा ले गए और बाद में उसका पासवर्ड हासिल करने के लिए उनसे संपर्क किया.

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इस पूरे मामले को लेकर कौशिकी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया. वीडियो में कौशिका ने आरोप लगाया कि पुलिस में शिकायत करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने वीडियो बनाकर इस मामले को सोशल मीडिया पर उठाया. वहीं, मामले में एसपी सिटी शेखर सुयाल ने विभाग पर लगे आरोपों से किनारा किया है. उनका कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है.

फोन चुराने के बाद खुद मैसेज कर मांगा पासवर्ड

पीड़िता के अनुसार, देहरादून में चोरी की घटनाएं अब आम बात हो चुकी हैं. कौशिकी ने बताया कि 12 सितंबर को क्लेमेंट टाउन इलाके से उनका, उनके दोस्त के भाई सक्षम नेगी और अन्य कई लोगों के मोबाइल फोन चोरी हो गए थे. मोबाइल चोरी होने के बाद पीड़ित के स्क्रीन पर कॉन्टैक्ट नंबर दिखाई दे रहा था, जिसे देखकर चोर ने उनसे संपर्क किया. अब शातिर चोर उन्हें व्हाट्सएप और एसएमएस भेजकर मोबाइल का पासवर्ड मांग रहा है. पीड़िता का कहना है कि चोरों को पुलिस का बिल्कुल भी डर नहीं रह गया है, क्योंकि उन्हें पता है कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती.

लाखों के मैकबुक और मोबाइल उड़ा ले गए शातिर

कौशिकी ने आजतक से बातचीत में बताया कि शातिर चोरों ने एक ही सुबह 4 बजे से 8 बजे के बीच आसपास के कई हॉस्टलों और पीजी में ताबड़तोड़ चोरी की. चोरों ने डीआईयू (D. University), ग्राफिक एरा और यूपीईएस (UPES) के आसपास बने हॉस्टलों को निशाना बनाया. इस दौरान छात्रों के लाखों रुपये के मैकबुक, महंगे मोबाइल फोन और कीमती सामान चोरी कर लिए गए. पीड़िता के मुताबिक उनका फ्लैट चोरों का आखिरी निशाना था, जहाँ से 5-6 मोबाइल और लैपटॉप गायब कर दिए गए.

16 सितंबर को फिर हुई चोरी, शिकायतों पर टालमटोल

यह मामला सिर्फ 12 सितंबर तक ही सीमित नहीं रहा. 16 सितंबर को उसी क्लेमेंट टाउन लेन नंबर 9A में सुबह 6 बजे फिर से चोरी की बड़ी वारदात हुई. एक अन्य इंस्टाग्राम वीडियो में अमनदीप नेगी ने इस घटना की जानकारी दी और बताया कि कुशाग्रह जैसवाल ने भी ऐसी ही शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें लाखों रुपये का सामान चोरी हुआ है. पीड़ितों का आरोप है कि घटना के बाद कई लोगों की शिकायत एप्लीकेशन तक पुलिस ने जमा नहीं की.

सीसीटीवी फुटेज देने पर भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई

पीड़ितों का दावा है कि उनके पास चोरी करने वाले व्यक्ति की स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज, उसकी शक्ल, मूवमेंट और संभावित लोकेशन की पूरी जानकारी मौजूद है. इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई एफआईआर दर्ज की. कौशिकी ने अपनी रील में बेहद भावुक होकर कहा कि जब वे रात 10 बजे घटना की जानकारी देने पुलिस स्टेशन पहुँचे, तो उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि "अभी यहाँ कोई नहीं है, सुबह आना." पीड़िता ने सवाल उठाया कि रील्स में पुलिस की तत्परता दिखाना आसान है, लेकिन जब कोई आम आदमी मदद के लिए पहुँचता है, तो वह मुस्तैदी कहाँ चली जाती है?

पुलिस ने क्या कहा?

मामले पर जब पुलिस से सवाल किया गया तो एसपी सिटी शेखर सुयाल ने पुलिस का बचाव करते हुए कहा कि ऐसा नहीं है कि पुलिस ने संज्ञान नहीं लिया है. उन्होंने बताया कि जिस दिन मोबाइल गुम हुआ था, उसी दिन दूरसंचार विभाग के सीआईआर (CEIR) पोर्टल पर उसका रजिस्ट्रेशन करा दिया गया था और पुलिस फोन ट्रेस कर रही है. उन्होंने कहा कि संबंधित सर्किल ऑफिसर (सीओ सदर) इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं. अगर कोई कॉल या नया तथ्य सामने आता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, 12 से 16 सितंबर के बीच हुई अन्य चोरियों पर पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया.

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