Dehradun Student Tanvi Death Case: तन्वी को उसके पिता ने देहरादून के श्री गुरु राम राय (एसजीआरआर) में MS की पढ़ाई करने के लिए भेजा था. बेटी अच्छे से मन लगाकर पढ़ाई कर रही थी. पढ़ाई अच्छे से हो सके इसके लिए तनवी ने कॉलेज के नजदीक ही देहराखास इलाके में किराए के कमरा लिया हुआ था, उसकी मां भी उसके साथ रहती थी. लेकिन एक दिन अचानक वो कार के अंदर संदिग्ध अवस्था में पड़ी मिलती है. वे तुरंत अस्पताल लेकर जाया जाता है. लेकिन डॉक्टर उसे मृत घोषित कर देते हैं. मामला पुलिस थाने तक पहुंचता है. इस दौरान पिता ने शिकायत में एक महिला डॉक्टर पर चौंकाने वाले कई आरोप लगाए हैं. वहीं मामले में कॉलेज प्रशासन छात्रा के बारे में एक अलग ही दावा किया, जिससे यह केस और भी पेचीदा हो गया. क्या है पूरा मामला चलिए जानते हैं खबर में...
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सबसे पहले जानिए क्या है पूरा घटनाक्रम?
यह घटना पटेलनगर थाना क्षेत्र की है. मामला 24 मार्च की रात का है. करीब 9 बजे तन्वी ने फोन पर अपने पिता को मिल रही उसको मिल रही धमकियों और उसके साथ हो रहे दुर्व्यवहार के बारे में बताया था. पिता ने बताया कि तनवी काफी घबराई हुई थी. इस बीच रात में करीब सवा 11 बजे उसने अपनी मां को मैसेज किया कि वो साढ़े 12 बजे तक घर पहुंचेगी. लेकिन इसके बाद जब पिता ने उसे कॉल किया ताे उसने फोन नहीं उठाया. ऐसे में पिता अंबाला से घबराकर तुरंत देहरादून के लिए रवाना हो गए.
सड़क किनारे कार में मिली तन्वी
पिता देहरादून पहुंचे तो पत्नी के साथ बेटी के तलाश में जुट गए. इस बीच इंद्रेश हॉस्पिटल वाली सड़क पर तनवी की गाड़ी सड़क किनारे खड़ी देखी. पिता ने बताया की गाड़ी लॉक्ड थी और ड्राइविंग सीट पर तनवी बैठी थी. पिता ने बताया कि बेटी की बाई हाथ पर कैनुला और एक छोटी बोतल लगी हुई थी. कार की सीट पर कुछ इंजेक्शंस सीट के ऊपर बिखरे पड़े थे. ऐसे में पिता ने तुरंत पत्थर उठाकर गाड़ी का पिछला बाया शीशा तोड़ा और गाड़ी के दरवाजे खोले. इसके बाद अचेत पड़ी बेटी को लेकर इंद्रेश हॉस्पिटल की इमरजेंसी में लेकर गए. लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पिता ने विभाग की नई HOD पर लगाए गंभीर आरोप
पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी कॉलेज के नेत्र विभाग की महिला HOD की प्रताड़ना से तंग आ चुकी थी. इसी वजह से उनकी बेटी ने मजबूर होकर अपनी जान दे दी. तहरीर के अनुसार डॉक्टर तन्वी सितंबर 2023 से कॉलेज में पढ़ रही थी और सब कुछ ठीक चल रहा था. लेकिन जब विभाग की जिम्मेदारी एक महिला डॉक्टर के पास आई तो हालात बदल गए. आरोप है कि डॉक्टर ने पहले ही दिन से तन्वी को डराना और मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया था. पिता का कहना है कि तन्वी को पुरानी HOD से बात न करने के लिए मजबूर किया जाता था.
लॉग बुक में जीरो नंबर और पैसों की डिमांड-पिता
पिता ने शिकायत में बताया कि तन्वी अपना काम पूरी ईमानदारी से करती थी, लेकिन मौजूदा HOD ने उसे जानबूझकर लॉग बुक में जीरो नंबर दिए. आरोप ये भी है कि नई HOD ने तन्वी के भविष्य से खिलवाड़ करने की धमकी दी और पिता से पैसों की मांग भी की थी. फीस जमा होने के बावजूद उसे बार-बार बुलाकर फाइनल एग्जाम में फेल करने की धमकी दी जाती थी.
पिता ने मांगी इंसाफ की गुहार
फिलहाल पिता ने इस मामले में पटेल नगर कोतवाली में केस दर्ज करवा दिया है और HOD महिला डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा है कि उनकी बेटी की मृत्यु के लिए सीधे तौर पर महिला डॉक्टर जिम्मेदार हैं, जिन्होंने उसे मानसिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से इतना मजबूर कर दिया कि उसने सुसाइड जैसा कदम उठा लिया. पुलिस अब इन आरोपों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है.
कॉलेज प्रशासन ने दी अपनी सफाई
वहीं दूसरी ओर एसजीआरआर कॉलेज प्रशासन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अपना पक्ष रखा है. कॉलेज का दावा है कि छात्रा लंबे समय से मानसिक बीमारी का इलाज करा रही थी. प्रशासन के अनुसार उसने 31 दिसंबर 2025 की रात को भी खुदकुशी की कोशिश की थी. कॉलेज का कहना है कि उसकी बीमारी के संबंध में अभिभावकों ने पहले ही लिखित सहमति कार्यालय में जमा कराई थी.
पुलिस की जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश कर रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी. पुलिस टीम कॉलेज के स्टाफ और छात्रा के दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके.
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