अंकिता भंडारी केस: दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने पर भड़की कांग्रेस, गांधी पार्क में मौन उपवास पर बैठे गणेश गोदियाल

अंकित शर्मा

• 07:12 PM • 13 Oct 2026

अंकिता भंडारी प्रकरण में कथित वीआईपी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले से कांग्रेस बेहद नाराज है. इसके विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गांधी पार्क में मौन व्रत शुरू कर दिया है.

दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाते ही भड़की कांग्रेस 
दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाते ही भड़की कांग्रेस 
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Ganesh Godiyal fast: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उबाल आ गया है. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के फैसले का कांग्रेस कड़ा विरोध कर रही है. इस फैसले के खिलाफ उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल मंगलवार को देहरादून के गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मौन उपवास पर बैठ गए हैं.

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"उत्तराखंड के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम"

गांधी पार्क में उपवास पर बैठे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम से पूरे उत्तराखंड की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं. गोदियाल के मुताबिक, यह निर्णय प्रदेशवासियों के पुराने जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है. उन्होंने कहा कि एक विपक्षी दल का अध्यक्ष और उत्तराखंडी होने के नाते वे राज्य की जनता की आवाज को दिल्ली तक पहुंचाने के लिए यह मौन उपवास कर रहे हैं.

नियुक्ति पर क्यों उठ रहे हैं गंभीर सवाल?

कांग्रेस का कहना है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मामले में कथित वीआईपी के तौर पर दुष्यंत गौतम का नाम लिया था. ऐसे में जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती और उठ रहे सवालों के जवाब नहीं मिल जाते, तब तक उन्हें किसी संवैधानिक पद पर बैठाना गलत है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बिना किसी स्पष्ट जवाब के दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त करना महिला सुरक्षा, न्याय और राज्य की जनभावनाओं के खिलाफ है.

12 अक्टूबर को राष्ट्रपति ने जारी किया था आदेश

गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 को दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया था. इस फैसले की जानकारी मिलते ही दिल्ली में मौजूद कांग्रेस के नेता हरकत में आए और देहरादून पहुंचते ही इसके विरोध में आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली गई.

उर्मिला के वीडियो के बाद शुरू हुआ था नया विवाद

यह पूरा विवाद 22 दिसंबर 2025 को तब दोबारा चर्चा में आया था, जब उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और ऑडियो जारी कर अंकिता केस में शामिल कथित वीआईपी पर सवाल खड़े किए थे. इस वीडियो में दुष्यंत गौतम का नाम उछलने के बाद उन्होंने 5 जनवरी 2026 को डालनवाला थाने में फर्जी वीडियो के जरिए बदनाम करने की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद 7 जनवरी को उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का केस भी किया था. बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी को इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी.

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