Ganga Ghat Video Viral: सोशल मीडिया के दौर में फर्जी और एडिटेड सामग्री का प्रसार एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है. हाल ही में इंटरनेट पर एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने तीर्थ नगरी के निवासियों और श्रद्धालुओं के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है. वायरल हो रहे इस वीडियो में एक महिला को आपत्तिजनक स्थिति में हरिद्वार में गंगा स्नान करते हुए दिखाया गया है. हालांकि, घटना की पड़ताल में एक और वीडियो सामने आने के बाद मामला पूरी तरह से घूम गया है.
ADVERTISEMENT
तकनीक के गलत इस्तेमाल की आशंका
शुरुआत में वायरल हुए क्लिप में एक महिला बेहद कम कपड़ों में गंगा में डुबकी लगाती नजर आ रही है. उसी दौरान एक युवक और बाद में एक बुजुर्ग व्यक्ति भी स्नान के लिए जाते दिखाई देते हैं. लेकिन इसके तुरंत बाद एक दूसरा वीडियो भी सामने आ गया. दूसरे वीडियो में महिला पूरे कपड़ों यानी सलवार सूट में बेहद शालीन तरीके से स्नान कर रही है. हैरानी की बात यह है कि दोनों वीडियो में आसपास के लोगों की गतिविधियां, युवक और बुजुर्ग का चलना बिल्कुल एक समान है. केवल महिला के पहनावे में बदलाव दिखता है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि वीडियो के साथ एआई (AI) तकनीक से छेड़छाड़ की गई है.
श्रीगंगा सभा ने जताई कड़ी आपत्ति
अब इस वीडियो के सामने आने के बाद से श्रीगंगा सभा ने कड़ा ऐतराज जताया है. संस्था के पदाधिकारियों ने इसे सीधे तौर पर धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा पर हमला करार दिया है. उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक के आसान इस्तेमाल की वजह से इस तरह की कुटरचनाएं बढ़ रही हैं. इस कृत्य से दुनियाभर के करोड़ों श्रद्धालुओं और तीर्थवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं.
राज्यमंत्री नितिन गौतम ने की ये मांग
श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष और उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री नितिन गौतम ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि एआई के जरिए हमारी माताओं-बहनों के चित्रों को गलत तरीके से पेश करना अत्यंत निंदनीय है. उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि इस साजिश के पीछे मौजूद लोगों की पहचान की जाए. ऐसे तत्वों के खिलाफ धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने और आपराधिक साजिश रचने के तहत तुरंत पुलिस केस दर्ज होना चाहिए.
यह भी पढ़ें: काशीपुर: सरकारी अस्पताल में मोमबत्ती की रोशनी हो रहा था इलाज? जानिए अस्पताल प्रशासन ने इस पर क्या दी सफाई
ADVERTISEMENT


