Rahul Gandhi Haldwani Case: हल्द्वानी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अब नया मोड़ आ गया है. FIR दर्ज कराने वाले युवक के खिलाफ अब वाल्मीकि समाज के लोग सामने आए हैं. समाज के लोगों ने अमित कुमार के नाम और पहचान के कथित इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. इसी को लेकर सोमवार को वाल्मीकि समाज के लोग हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया. समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपकर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले अमित कुमार की पहचान और उनके वाल्मीकि समाज से संबंध की जांच करने की मांग की है.
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शिकायतकर्ता की पहचान पर उठे गंभीर सवाल
वाल्मीकि समाज के लोगों का आरोप है कि अमित कुमार वाल्मीकि समाज से नहीं आते हैं. इसके बावजूद उन्होंने कथित तौर पर खुद को वाल्मीकि समाज से संबंधित बताते हुए राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. समाज के प्रतिनिधियों का यह भी आरोप है कि अमित कुमार का वाल्मीकि समाज से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने समाज के नाम का गलत इस्तेमाल करके पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. इसके साथ ही शिकायतकर्ताओं ने अमित कुमार को एक भाजपा नेता का भाई भी बताया है.
वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने दी चेतावनी
मामले में वाल्मीकि समाज के सरपंच अमरदीप बाल्मीकि ने कहा कि विगत दो-तीन दिन पहले अमित कुमार नाम के व्यक्ति ने राहुल गांधी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जब समाज को पता चला तो जांच करने पर मालूम हुआ कि वह वाल्मीकि समाज का नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि वह भाजपा का है और उसका भाई अजय राज भी बीजेपी से जुड़ा हुआ है. अमरदीप बाल्मीकि ने कहा कि वाल्मीकि समाज को बदनाम करने के लिए यह FIR दर्ज कराई गई है. उन्होंने पुलिस से अमित कुमार की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वाल्मीकि समाज एक बड़े आंदोलन के लिए पूरी तरह तैयार है.
FIR में उपजाति लिखाने पर जताई आपत्ति
देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार ने बताया कि समाचार पत्रों और सोशल साइट्स से उन्हें इस मामले की जानकारी मिली थी. उन्होंने जब दर्ज एफआईआर की कॉपी निकाली तो पता चला कि शिकायतकर्ता ने खुद को वाल्मीकि समाज और वाल्मीकि उपजाति का दर्शाया है. हालांकि, उनकी अपनी जानकारी के अनुसार वह व्यक्ति वाल्मीकि समाज से नहीं है. उसका एक भाई अजय राज है, जो पूर्व में बीजेपी के सिंबल पर पार्षद का चुनाव लड़ चुका है. दोनों आपस में सगे चचेरे भाई हैं. उन्होंने साफ किया कि वाल्मीकि समाज का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. अगर कोई समाज को बदनाम करने की साजिश करेगा, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
पुलिस की जांच पर टिकी सबकी निगाहें
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने में वाल्मीकि समाज के नाम का इस्तेमाल किया गया? क्या शिकायतकर्ता वास्तव में वाल्मीकि समाज से हैं और अगर नहीं, तो किस आधार पर समाज की पहचान का इस्तेमाल किया गया? इन्हीं सब सवालों के जवाब मांगते हुए प्रतिनिधियों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है. शिकायत में पुलिस से व्यक्ति की वास्तविक पहचान और समाज से संबंध की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है. हालांकि, इस पूरे विवाद पर पुलिस फिलहाल कुछ भी कहने से बच रही है. अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर ही टिकी हुई हैं.
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