Haridwar Tiger Death Case: उत्तराखंड के हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज से बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों मौत का मामला सामने आया है. एक मुखबिर से मिली सूचना के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में वन विभाग को इस घटना का पता चला. इस दौरान टीम को जंगल में एक नर बाघ का शव मिला और उसके पास ही एक भैंसे का शव भी पड़ा था. वन विभाग की टीम ने बाघ के शव की जांच की तो सभी हैरान रह गए. बाघ के चारों पैर काटे हुए थे, हालांकि उसकी खाल और दांतों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी. इस घटना से वन विभाग में हड़कंप मच गया. मामला यहीं नहीं रुका, अगले ही दिन उसी इलाके से एक और बाघ के शावक का शव बरामद किया गया.
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तीन वन्यजीवों के शव लगातार मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन के बीच हड़कंप मचा गया. अब इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं. उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. वहीं वन विभाग की टीम और पुलिस अब मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं.
भैंसा के शरीर से मिला जहरीला पदार्थ
दरअसल, 18 मई 2026 की शाम करीब 6:30 बजे वन विभाग की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही थी. इस दौरान लगभग 2 साल की उम्र के एक नर बाघ का शव बरामद हुआ. घटनास्थल के ठीक पास ही एक मृत भैंस का शव भी बरामद किया गया है. शुरुआती जांच मेे पता चलता है कि आरोपियों ने मृत भैंस के शरीर में कोई खतरनाक जहरीला पदार्थ मिलाया था. अब ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इस जहरीली भैंस के मांस को खाने की वजह से ही बाघ की मौत हुई होगी. वहीं बाघ के मरते ही आरोपियों ने उसके चारों पैर काट लिए होंगाे. जांच में ये भी पता चला है कि आरोपी रात के समय बाघ की खाल उतारने और उसके दांत निकालने की पूरी योजना बना रहे थे. लेकिन वन विभाग की तुरंत कार्रवाई के कारण शिकारी अपनी इस साजिश में नाकाम रहे.
उसी क्षेत्र से मिला एक और शव
घटना के बाद से इलाके में वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है. इसी कड़ी में अगले दिन यानी 19 मई 2026 को दोपहर करीब 3:00 से 4:00 बजे के बीच उसी वन्य क्षेत्र से लगभग समान उम्र की एक मादा बाघिन का शव भी बरामद कर लिया गया. पहले मिले नर बाध के शव की तरह इस बाघिन के भी चारों पैर कटे हुए मिले. ऐसे में अधिकारियों अनुमान लगा रहे है कि ये नर बाघ और मादा बाघिन एक ही कुनबे के भाई-बहन हो सकते हैं, जिन्होंने उसी जहरीली भैंस का मांस खाया था.
एक शिकारी गिरफ्तार और तीन फरार
वन विभाग ने दोनों बाघों के शवों को कब्जे में लेकर 19 मई को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रोटोकॉल के अनुसार पोस्टमार्टम कराया है. इस दौरान फॉरेंसिक जांच के लिए जैविक नमूने और विसरा सुरक्षित रख लिए गए हैं. वन विभाग की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक मुख्य अभियुक्त फम्मी उर्फ आलम को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार की अदालत ने जेल भेज दिया है. पूछताछ में फम्मी ने खुलासा किया कि इस अपराध में आशिक, जुप्पी और आमिर हमजा उर्फ मियां भी शामिल थे. ये तीनों आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं.
सुरक्षा एजेंसियां हुई अलर्ट, जांच जारी
प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है. फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पथरी गुज्जर बस्ती, गैण्डीखाता गुज्जर बस्ती और ऊधमसिंह नगर के गदर खट्टा क्षेत्र से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस, एसटीएफ और डब्ल्यूसीसीबी की मदद ली जा रही है. इसके साथ ही सभी रेंजों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है.
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